Shubman Gill Injury : कप्तान शुभमन गिल की इंजरी ने टीम इंडिया की टेंशन बढ़ा दी है. साउथ अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट से शुभमन लगभग बाहर हो चुके हैं. मगर बड़ा सवाल यह है कि गिल की इंजरी कितनी गंभीर है? पहले टेस्ट में बैटिंग के दौरान गिल की गर्दन में अचानक खिंचाव महसूस हुआ था, जिसके बाद वह मैदान छोड़कर ड्रेसिंग रूम लौट गए थे.
बताया गया कि गिल काफी दर्द में हैं और उनको अपनी गर्दन घुमाने में भी दिक्कत हो रही है. हालात इस कदर बिगड़े कि उन्हें अस्पताल में भी भर्ती कराना पड़ा. अभी भी गिल की इंजरी को लेकर पिक्चर क्लियर नहीं है. हालांकि, अगर शुभमन की इंजरी गंभीर निकली, तो वह तीन से छह महीने तक के लिए क्रिकेट से दूर हो सकते हैं. कैसे और क्यों वो आइए आपको समझाते हैं.
गिल की इंजरी पर क्या है अपडेट?
साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहले टेस्ट के दूसरे दिन गिल की गर्दन में बैटिंग करते हुए खिंचाव महसूस हुआ. इसके बाद वह मैदान छोड़कर ड्रेसिंग रूम चले गए और दोनों ही पारियों में बैटिंग करने नहीं उतरे. गिल का एमआरआई कराया गया और उनकी इंजरी पर कड़ी निगरानी रखने के लिए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा. गिल के केस को करीबी से डॉक्टर दिनशॉ पारदीवाला ने देखा, जो कई बड़े प्लेयर्स की इंजरी को डील करते हैं. शुभमन की रिपोर्ट में यह सामने आया कि वह इंटर-स्पाइनस लिगामेंट इंजरी से जूझ रहे हैं.
क्या होती है इंटर-स्पाइनस लिगामेंट इंजरी?
गर्दन की रीढ़ में हर कशेरुका के ठीक पीछे एक स्पाइनस प्रोसेस होता है. इनके बीच में जो लिगामेंट जुड़ा होता है उसे ही इंटर स्पाइनस लिगामेंट कहा जाता है. अब जब इस लिगामेंट में चोट लगती है, तो इसे सर्वाइकल इंटर स्पाइनस लिगामेंट कहा जाता है. यह इंजरी तब होती है जब आप अचानक से आगे की तरफ झटके के साथ झुक जाएं या पीछे की तरफ मुड़ जाएं. गर्दन को अचानक तेजी से मोड़ने के कारण इसमें खिंचाव आ जाता है या फिर यह फट भी सकता है.
कितने समय के लिए बाहर हो सकते हैं गिल?
इंटर स्पाइनस लिगामेंट की इंजरी कितनी गंभीर हो सकती है यह इसके ग्रेड पर निर्भर करता है. अब अगर शुभमन गिल की इंजरी ग्रेड 1 में आती, तो उन्हें थोड़ी बहुत अकड़न महसूस होती और वह जल्द ही ठीक हो जाते. मगर गिल के साथ अब तक ऐसा नहीं हुआ है और उन्हें रिकवर होने में समय लग रहा है. ग्रेड 1 में पूरी तरह से ठीक होने में 2 से 4 हफ्ते लग जाते हैं. 15 नवंबर को शुभमन को इंजरी हुई थी और वह दूसरे टेस्ट तक के लिए फिट नहीं हो पाए हैं.
इंजरी अगर ग्रेड 2 की होती है, जिससे शुभमन गिल अभी तक आते हुए दिखाई दे रहे हैं, तो इस स्थिति में गर्दन में दर्द बना रहता है और गर्दन को एक तरफ से दूसरी ओर मुड़ने में भी अच्छा खासा दर्द होता है. यह इंजरी पूरी तरह से ठीक होने में 6 से 12 हफ्ते ले लेती है. यानी अगर गिल ग्रेड 2 से पीड़ित हैं, तो वह साउथ अफ्रीका के खिलाफ वनडे सीरीज नहीं ही खेलते हुए दिखाई देंगे.
3 से 6 महीने के लिए भी हो सकते हैं बाहर!
अब अगर शुभमन गिल इस इंजरी के ग्रेड 3 से पीड़ित हुए, तो यह भारतीय खेमे के लिए बुरी खबर होगी. ग्रेड 3 की इंजरी को पूरी तरह से सही होने में 3 से 6 महीने तक का समय लग जाता है. इस सिचुएशन में गर्दन स्टेबल नहीं रहती है और सिर को सीधा रखने में भी खासी दिक्कत आती है. गिल की भी स्थिति कुछ इससे ही मिलती जुलती है. अगर शुभमन की इंजरी ग्रेड 3 की ही पाई जाती है, तो उनका टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में खेलने का सपना भी चकनाचूर हो सकता है. टी-20 विश्व कप का आयोजन अगले साल फरवरी में ही होना है.
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Bhudev Bhagaliya is an experienced and senior journalist who has carved a distinct niche for himself in the world of Hindi journalism through his profound understanding and precise writing style. With over two decades of experience in the field of journalism, he has held key responsibilities at Dainik Hindustan for 12 years and at Amar Ujala for one year. Currently, he serves as the Content Editor for the Jagrook Youth News newspaper and portal, where he plays a crucial role in ensuring the quality and credibility of the news content. Bhudev Bhagaliya consistently writes about issues that help raise awareness within society and among the younger generation.