PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana: गरियाबंद के महेंद्र प्रताप सिन्हा को ₹1.08 लाख सब्सिडी से मिली राहत, 3kW सोलर से बिल का बोझ खत्म

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना छत्तीसगढ़ के गरियाबंद जिले में लोगों के लिए राहत का माध्यम बन रही है। 13 अक्टूबर 2026 को आईएएनएस की रिपोर्ट के अनुसार जिले के छुरा ब्लॉक के अतरमरा गांव में योजना के तहत घरों पर सोलर पैनल लगाए गए हैं, जिससे लाभार्थियों को बिजली बिल के भारी खर्च से राहत मिल रही है। गांव के निवासी महेंद्र प्रताप सिन्हा भी PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana का लाभ उठा रहे हैं।

ताजे अपडेट पाने के लिये हमारे ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

महेंद्र प्रताप सिन्हा का कहना है कि सोलर पैनल लगवाने के बाद उन्हें हर महीने आने वाले भारी बिजली बिल से राहत मिली है और उनके कारोबार को भी फायदा हुआ है। पहले वे हर महीने करीब एक हजार रुपये से लेकर छह हजार रुपये तक बिजली बिल का भुगतान करते थे। लगातार आने वाले बिलों से परेशान होकर उन्होंने योजना के तहत अपने घर पर सोलर पैनल लगवाया।

₹1.9 लाख की लागत में ₹1.08 लाख की सब्सिडी

लाभार्थी ने अपने घर पर 3 किलोवाट क्षमता का सोलर पैनल लगवाया है। इसकी कुल लागत ₹1.9 लाख आई, लेकिन केंद्र और राज्य सरकार की ओर से उन्हें कुल ₹1.08 लाख की सब्सिडी मिली, जिससे सोलर पैनल लगवाने का आर्थिक बोझ काफी कम हो गया। आईएएनएस से बातचीत में महेंद्र प्रताप सिन्हा ने कहा कि प्रधानमंत्री की इस मुफ्त बिजली योजना से उन्हें बहुत फायदा मिला है और इसके लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया।

योजना के तहत केंद्र सरकार 3 किलोवाट तक के सिस्टम पर ₹78,000 तक की सब्सिडी देती है, जबकि कई राज्य सरकारें इसके ऊपर अतिरिक्त अनुदान भी देती हैं। सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में पहुंचती है।

योजना ने पार किया 60 लाख का आंकड़ा

PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana तेजी से आगे बढ़ रही है। अक्टूबर 2026 की शुरुआत तक योजना के तहत 60 लाख से अधिक रूफटॉप सोलर इंस्टॉलेशन हो चुके हैं। केंद्र सरकार अब तक ₹33,642 करोड़ की सब्सिडी सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेज चुकी है, जिसका भुगतान कमीशनिंग के 15 दिनों के भीतर कर दिया जाता है।

योजना के असर का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 20.7 लाख से अधिक परिवारों का मासिक बिजली बिल पूरी तरह शून्य हो गया है। इसके साथ ही 2.5 लाख से अधिक लोगों को सोलर कार्यकर्ता के रूप में प्रशिक्षित किया जा चुका है और 37 हजार से अधिक स्थानीय व्यवसाय विक्रेता नेटवर्क से जुड़े हैं। नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने 10 किलोवाट तक के सिस्टम के लिए तकनीकी व्यवहार्यता जांच को भी समाप्त कर दिया है।

घर और ऊर्जा से जुड़ी ऐसी ही सरकारी योजनाओं के बारे में भी पढ़ें: यूपी में महिला के नाम मकान देने वाली UP Awas Yojana और दिवाली पर मुफ्त LPG सिलेंडर देने वाली उज्ज्वला योजना।