ओडिशा सरकार ने युवाओं के लिए बड़ी कौशल विकास योजना को हरी झंडी दे दी है। 13 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की 48वीं बैठक में Dakshata Vikas Yojana को मंजूरी दी गई। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन, उद्योग, वित्त, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा तथा कृषि एवं किसान सशक्तिकरण समेत 11 विभागों से जुड़े 16 प्रमुख प्रस्तावों को इस बैठक में स्वीकृति मिली।
Dakshata Vikas Yojana पर 2026-27 से 2028-29 तक की अवधि में ₹450 करोड़ खर्च किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य ओडिशा के युवाओं की रोजगार क्षमता बढ़ाना और उन्हें देश-विदेश में उभरते रोजगार अवसरों के लिए तैयार करना है। मुख्य सचिव अनु गर्ग के अनुसार राज्य के करीब 4.2 लाख युवाओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।
उच्च शिक्षा से जुड़ेगा कौशल प्रशिक्षण
इस योजना की सबसे बड़ी विशेषता कौशल प्रशिक्षण को उच्च शिक्षा से जोड़ना है। योजना के तहत राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों में स्किल हब स्थापित किए जाएंगे। यहां छात्रों को उनकी पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार से जुड़ा और राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (NSQF) के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि वे उद्योगों की जरूरतों के अनुसार कौशल हासिल कर सकें।
सरकारी बयान के अनुसार योजना के तहत 1.17 लाख युवाओं को रोजगार से जुड़ा अल्पकालिक प्रशिक्षण दिया जाएगा, जबकि 3 लाख युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में डिजिटल कौशल प्रशिक्षण मिलेगा।
विदेशी नौकरियों के लिए जर्मन-जापानी भाषा की ट्रेनिंग
राज्य सरकार को उम्मीद है कि इस योजना से ओडिशा के युवाओं के लिए विदेशों में रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। अंतरराष्ट्रीय श्रम बाजार में कुशल कामगारों की बढ़ती मांग को देखते हुए पात्र छात्रों को जर्मन और जापानी जैसी विदेशी भाषाओं का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके साथ सांस्कृतिक प्रशिक्षण, प्रमाणन सहायता, वीजा सहायता, यात्रा सहायता और नौकरी मिलने के बाद की सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी।
योजना के अंतर्गत दिव्यांगजन, जेल बंदी, ट्रांसजेंडर समुदाय और विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों जैसे संवेदनशील वर्गों के लिए विशेष परियोजनाओं को भी समर्थन दिया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट ने मुख्यमंत्री कौशल विकास फेलोशिप को जारी रखने की भी मंजूरी दी — इसके तहत 40 फेलो विभिन्न जिलों में तैनात किए जाएंगे। प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं की प्रगति और रोजगार परिणामों की निगरानी के लिए ‘स्किल्ड-इन-Odisha डिजिटल हब’ भी स्थापित किया जाएगा।
युवाओं को रोजगार से जोड़ने वाली ऐसी ही योजनाओं के बारे में भी पढ़ें: ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण देने वाली RSETI योजना (6.35 लाख का लक्ष्य) और यूपी के 4.60 लाख छात्रों को छात्रवृत्ति देने वाली UP स्कॉलरशिप योजना।

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