U19 Asia Cup medal controversy-दुबई। कल दुबई के ICC अकादमी ग्राउंड पर जो कुछ हुआ, उसने पूरे क्रिकेट जगत को चौंका दिया। अंडर-19 एशिया कप के फाइनल में पाकिस्तान ने भारत को 191 रनों के बड़े अंतर से रौंदकर खिताब अपने नाम कर लिया। लेकिन असली हंगामा तो मैच के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में हुआ, जहां भारतीय जूनियर टीम के खिलाड़ियों ने रनर्स-अप मेडल लेने से साफ इंकार कर दिया। नहीं, उन्होंने मेडल लिए तो सही, लेकिन स्टेज पर जाकर नहीं – बल्कि अलग से एक ICC अधिकारी से। वजह? वो नाम जो भारत-पाक क्रिकेट में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में है – मोहसिन नकवी!
क्या हुआ मैच में? पाकिस्तान की एकतरफा जीत
कौन (Who): भारतीय अंडर-19 टीम बनाम पाकिस्तान अंडर-19 टीम। पाकिस्तान की टीम में मेंटर के तौर पर पूर्व कप्तान सरफराज अहमद थे, जिनका भारत के खिलाफ फाइनल में रिकॉर्ड अब और मजबूत हो गया।
पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 347/8 रन बनाए। ओपनर समीर मिन्हास ने 113 गेंदों पर 172 रनों की तूफानी पारी खेली। जवाब में भारत की टीम महज 156 रनों पर सिमट गई। वैभव सूर्यवंशी ने 26 रन बनाए, लेकिन कोई और टिक नहीं सका। पाकिस्तान की ओर से अली रजा ने 4 विकेट झटके। नतीजा – पाकिस्तान ने 191 रनों से जीत दर्ज की और दूसरी बार U19 एशिया कप का खिताब जीता।
विवाद की असली जड़ – मोहसिन नकवी का फैक्टर
कैसे (How): पुरस्कार वितरण समारोह शुरू हुआ तो ACC चेयरमैन और PCB चीफ मोहसिन नकवी स्टेज पर मौजूद थे। पाकिस्तान के खिलाड़ियों ने उनसे विजेता मेडल और ट्रॉफी ली, जश्न मनाया और फोटो खिंचवाई। लेकिन जब भारतीय टीम की बारी आई, तो खिलाड़ी स्टेज पर नहीं गए। उन्होंने रनर्स-अप मेडल ICC के एसोसिएट मेंबर्स चेयरमैन मुबश्शिर उस्मानी से अलग से, ग्राउंड पर ही ले लिए। नकवी को पूरी तरह अनदेखा कर दिया गया।
क्यों (Why): वजह वही पुरानी तनाव भरी कहानी है। इस साल सीनियर एशिया कप फाइनल में भी भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इंकार कर दिया था, क्योंकि वो पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं और भारत-पाक रिश्तों में चल रही कड़वाहट के बीच ऐसा करना टीम मैनेजमेंट को मंजूर नहीं था। जूनियर टीम ने भी वही स्टैंड लिया। सूत्र बताते हैं कि भारतीय खेमे में प्रोटोकॉल और सुरक्षा वजहों से नाराजगी थी। कोई हैंडशेक नहीं, कोई स्टेज शेयर नहीं – बस मेडल लिया और चले गए।
सरफराज अहमद का वायरल वीडियो और फैन्स की नाराजगी
दूसरी तरफ, पाकिस्तान के मेंटर सरफराज अहमद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें वो पाकिस्तानी खिलाड़ियों के साथ जश्न मनाते दिख रहे हैं, जबकि भारतीय खिलाड़ी पास ही थे। भारतीय फैन्स इसे खेल भावना के खिलाफ बता रहे हैं। फैन्स का कहना है कि पाकिस्तानी स्टाफ और खिलाड़ियों का बर्ताव जीत के बाद थोड़ा ज्यादा उत्साही था, जो शायद भारतीय टीम को खला। हालांकि, सरफराज का रिकॉर्ड तो कमाल का है – वो तीन बार भारत के खिलाफ फाइनल में शामिल रहे और हर बार पाकिस्तान जीता!
ICC और ACC ने क्या कहा?
फिलहाल एशियन क्रिकेट काउंसिल (ACC) की ओर से इस विवाद पर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। ICC के एक अधिकारी ने भारतीय टीम को मेडल दिए, तो मामला शांतिपूर्वक निपट गया। लेकिन सूत्रों की मानें तो भारतीय टीम मैनेजमेंट इस पूरे बर्ताव और हार से काफी निराश है। पाकिस्तान ने जीत तो मनाई, लेकिन ये विवाद क्रिकेट से ज्यादा भारत-पाक रिश्तों की कड़वाहट को दिखा रहा है।
क्रिकेट फैन्स अब सोच रहे हैं कि जूनियर लेवल पर भी ये तनाव कब खत्म होगा? पाकिस्तान ने मैदान पर शानदार खेल दिखाया, लेकिन सेरेमनी का ये ड्रामा चर्चा का मुख्य विषय बन गया। आने वाले U19 वर्ल्ड कप में दोनों टीमें फिर भिड़ सकती हैं – उम्मीद है वहां सिर्फ क्रिकेट की बात हो!

Bhudev Bhagaliya is an experienced and senior journalist who has carved a distinct niche for himself in the world of Hindi journalism through his profound understanding and precise writing style. With over two decades of experience in the field of journalism, he has held key responsibilities at Dainik Hindustan for 12 years and at Amar Ujala for one year. Currently, he serves as the Content Editor for the Jagrook Youth News newspaper and portal, where he plays a crucial role in ensuring the quality and credibility of the news content. Bhudev Bhagaliya consistently writes about issues that help raise awareness within society and among the younger generation.