Rohit Sharma-भारतीय क्रिकेट टीम की कप्तानी को लेकर हमेशा से चर्चाएं गरम रहती हैं। रोहित शर्मा, जिन्हें हिटमैन के नाम से जाना जाता है, लंबे समय से टीम इंडिया की कमान संभाल रहे हैं। लेकिन अगर उन्हें अगला मौका न मिले, तो सवाल उठता है कि फिर सही कप्तान कौन होगा? रोहित ने वनडे क्रिकेट में जो रिकॉर्ड बनाए हैं, वो किसी से छिपे नहीं हैं। खासकर वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में उनकी जरूरत कितनी अहम है, ये बात बार-बार साबित हो चुकी है। आइए, इस पूरे मामले को विस्तार से समझते हैं।
अगर रोहित शर्मा को कप्तानी का मौका नहीं मिले तो फिर सही कप्तान कौन होगा
रोहित शर्मा की कप्तानी में टीम इंडिया ने कई ऐतिहासिक जीत हासिल की हैं। चाहे टी20 वर्ल्ड कप हो या फिर एशिया कप, रोहित का शांत दिमाग और आक्रामक बल्लेबाजी का कॉम्बिनेशन टीम को अलग लेवल पर ले जाता है। लेकिन अगर बीसीसीआई या सेलेक्टर्स कोई नया चेहरा लाने का फैसला करें, तो कई नाम सामने आते हैं। हार्दिक पांड्या, जो टी20 में पहले ही कप्तानी कर चुके हैं, एक मजबूत दावेदार हैं। उनकी फिटनेस और ऑलराउंड परफॉर्मेंस उन्हें खास बनाती है।
फिर शुभमन गिल, जो युवा हैं और लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं, उन्हें लंबे समय के लिए तैयार किया जा सकता है। केएल राहुल भी एक विकल्प हो सकते हैं, खासकर वनडे में उनकी समझदारी को देखते हुए। लेकिन सवाल यही है कि क्या कोई रोहित की तरह टीम को एकजुट रख पाएगा? रोहित की कप्तानी में खिलाड़ी खुद को सुरक्षित महसूस करते हैं, और यही उनकी सबसे बड़ी ताकत है। अगर नया कप्तान आया, तो टीम की रणनीति, खिलाड़ियों का मनोबल और मैदान पर फैसले – सब कुछ प्रभावित होगा। सेलेक्टर्स को सोचना होगा कि बदलाव की कीमत क्या चुकानी पड़ेगी।
रोहित शर्मा के रिकॉर्ड वनडे मैच के
वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा का नाम सुनते ही तीन डबल सेंचुरी याद आ जाती हैं। जी हां, कोई और बल्लेबाज ये कारनामा नहीं कर सका। रोहित के नाम 264, 209 और 208 रनों की पारी दर्ज हैं। कुल मिलाकर, उन्होंने 262 वनडे मैच खेले हैं, जिसमें 10,000 से ज्यादा रन बनाए हैं। उनका औसत 48 के ऊपर है और स्ट्राइक रेट भी शानदार। कप्तान के तौर पर रोहित ने 50 से ज्यादा वनडे मैचों में टीम की कमान संभाली है, जिसमें जीत का प्रतिशत 75 फीसदी से ऊपर रहा है। घर हो या बाहर, रोहित की कप्तानी में टीम ने ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड जैसी मजबूत टीमों को हराया है। वनडे में उनकी बल्लेबाजी की शुरुआत धीमी होती है, लेकिन एक बार सेट हो जाएं तो रन की बौछार कर देते हैं। यही वजह है कि बड़े टूर्नामेंट में वो ओपनर के रूप में टीम को मजबूत शुरुआत देते हैं। उनके रिकॉर्ड बताते हैं कि वो सिर्फ बल्लेबाज नहीं, बल्कि मैच विनर हैं।
वर्ल्ड कप के लिये रोहित की कितनी जरूरत है
वर्ल्ड कप आते ही रोहित शर्मा का नाम सबसे ऊपर चमकता है। 2019 वर्ल्ड कप में रोहित ने 5 शतक ठोके थे, जो एक रिकॉर्ड है। 2023 वर्ल्ड कप में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया, हालांकि फाइनल में टीम हार गई। लेकिन रोहित की कप्तानी में टीम ने लगातार 10 मैच जीते थे। वर्ल्ड कप जैसे प्रेशर टूर्नामेंट में अनुभव बहुत मायने रखता है। रोहित के पास वो अनुभव है, वो दबाव में फैसले लेना जानते हैं। उनकी मौजूदगी से मिडिल ऑर्डर को भी सहारा मिलता है। अगर रोहित नहीं होंगे, तो ओपनिंग में स्थिरता की कमी खलेगी। युवा खिलाड़ी अच्छा खेल रहे हैं, लेकिन वर्ल्ड कप का प्रेशर अलग लेवल का होता है। रोहित न सिर्फ रन बनाते हैं, बल्कि टीम को रणनीति भी सिखाते हैं। उनकी गैरमौजूदगी में टीम का बैलेंस बिगड़ सकता है। सेलेक्टर्स को ये सोचना होगा कि क्या नया कप्तान इतने बड़े मंच पर रोहित की जगह भर पाएगा?
रोहित शर्मा की कप्तानी और बल्लेबाजी दोनों ही टीम इंडिया के लिए कीमती हैं। वनडे फॉर्मेट में उनका कोई जोड़ नहीं। अगर कप्तानी का मौका छिन गया, तो कई नाम हैं, लेकिन रोहित जैसा परफेक्ट कॉम्बिनेशन मिलना मुश्किल है। वर्ल्ड कप में उनकी जरूरत इसलिए और बढ़ जाती है क्योंकि वहां हर मैच फाइनल जैसा होता है। रोहित की शांत कप्तानी और विस्फोटक बल्लेबाजी टीम को चैंपियन बना सकती है। अब देखना ये है कि बीसीसीआई क्या फैसला लेती है। लेकिन एक बात पक्की है – रोहित की कमी वर्ल्ड कप में साफ दिखेगी। क्रिकेट फैंस भी यही चाहते हैं कि हिटमैन मैदान पर डटे रहें और टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएं।
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Bhudev Bhagaliya is an experienced and senior journalist who has carved a distinct niche for himself in the world of Hindi journalism through his profound understanding and precise writing style. With over two decades of experience in the field of journalism, he has held key responsibilities at Dainik Hindustan for 12 years and at Amar Ujala for one year. Currently, he serves as the Content Editor for the Jagrook Youth News newspaper and portal, where he plays a crucial role in ensuring the quality and credibility of the news content. Bhudev Bhagaliya consistently writes about issues that help raise awareness within society and among the younger generation.