अमरावती। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण (PMAY-G) 2.0 के तहत आंध्र प्रदेश में ग्रामीण आवास निर्माण का बड़ा अभियान शुरू हो गया है। 4 अक्टूबर 2026 को केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री N. Chandrababu Naidu ने गुंटूर जिले के Burripalem गांव में 3 लाख ग्रामीण घरों की आधारशिला रखी। इस अवसर पर दोनों नेताओं ने कहा कि ग्रामीण गरीबों के लिए पक्का घर अब सपना नहीं, हकीकत बन रहा है।
PMAY-G 2.0 Andhra Pradesh: राज्य का बढ़ा कोटा
केंद्र सरकार ने आंध्र प्रदेश का आवंटन बढ़ाकर 3 लाख घर कर दिया है। राज्य का कुल स्वीकृत कोटा अब 9 लाख घरों तक पहुंच जाएगा, जो राज्य के लिए एक बड़ा राहत है। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि लाभार्थियों की पहचान नई सूची और ग्राम सभा के सत्यापन के आधार पर की जा रही है, ताकि असली जरूरतमंद परिवारों तक ही योजना का लाभ पहुंचे।
राष्ट्रीय लक्ष्य: मार्च 2029 तक 4.95 करोड़ पक्के ग्रामीण घर
PMAY-G 2.0 का राष्ट्रीय लक्ष्य मार्च 2029 तक देश भर में 4.95 करोड़ पक्के ग्रामीण घर बनाने का है। 14 अक्टूबर 2026 तक के ताजा आंकड़ों के मुताबिक 4.18 करोड़ घर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को आवंटित किए जा चुके हैं, जिनमें से 3.91 करोड़ घर स्वीकृत और 3.19 करोड़ घर पूरी तरह तैयार हो चुके हैं। आंकड़े बताते हैं कि योजना तेज रफ्तार से आगे बढ़ रही है और लक्ष्य से पहले भी पूरा हो सकती है।
कितनी मिलती है सहायता राशि
योजना के तहत लाभार्थी को मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी या दुर्गम क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है। इसके अलावा स्वच्छ भारत मिशन के तहत घर में शौचालय बनाने के लिए ₹12,000 की अतिरिक्त राशि और मनरेगा के तहत 90 से 95 दिनों की मजदूरी अलग से दी जाती है। इस तरह एक लाभार्थी परिवार को घर बनाने में कुल मिलाकर काफी बड़ी मदद मिलती है। सरकार ने घर की गुणवत्ता और समय पर निर्माण पूरा होने पर भी निगरानी की व्यवस्था की है।
लाभार्थी सूची कैसे जांचें
जिन परिवारों ने योजना के लिए आवेदन किया है, वे लाभार्थी सूची नई आधिकारिक वेबसाइट pmayg.dord.gov.in पर चेक कर सकते हैं। अधिकारियों ने बताया कि पुरानी वेबसाइट pmayg.nic.in को बदलकर नई वेबसाइट शुरू की गई है, इसलिए अब सभी जानकारी और आवेदन की स्थिति नई साइट पर ही उपलब्ध होगी। ग्राम सभाओं के सत्यापन के बाद नए नाम सूची में जोड़े जा रहे हैं, और किसी भी शिकायत के निपटारे के लिए जिला स्तर पर हेल्पडेस्क की व्यवस्था की गई है।
आंध्र प्रदेश में यह आधारशिला रखे जाने से राज्य के लाखों ग्रामीण परिवारों के चेहरे पर खुशी है। अधिकारियों का कहना है कि आने वाले महीनों में निर्माण कार्य में तेजी लाई जाएगी ताकि निर्धारित समय में सभी घर तैयार हो सकें। केंद्र और राज्य सरकार की इस संयुक्त पहल से ग्रामीण आवास की दिशा में बड़ा बदलाव आने की उम्मीद है।
ग्रामीण परिवारों के लिए बिजली के बिल से राहत देने वाली PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत गरियाबंद के एक लाभार्थी को ₹1.08 लाख की सब्सिडी मिली है — पूरी कहानी यहां पढ़ें। बुजुर्गों और दिव्यांगों तक सीधा लाभ पहुंचाने वाली Bihar PDS home delivery योजना के बारे में भी जानें।

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