Mukhyamantri Krishak Uphaar Yojana: LED टीवी की जगह किसानों को मिलेगी चारा काटने की मशीन, लकी ड्रॉ में बदलाव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के किसानों के लिए अच्छी खबर है। यूपी राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद ने मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना (Mukhyamantri Krishak Uphaar Yojana) के लकी ड्रॉ में दिए जाने वाले उपहारों की सूची में बड़ा बदलाव किया है। 15 अक्टूबर 2026 को सामने आई इस जानकारी के मुताबिक अब किसानों को LED टीवी की जगह खेती और पशुपालन में सीधे काम आने वाले उपकरण उपहार में दिए जाएंगे।

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Mukhyamantri Krishak Uphaar Yojana: कौन-कौन से उपहार बदले

सबसे बड़ा बदलाव यह है कि 43 इंच के LED टीवी की जगह अब 3 हॉर्स पावर की चारा काटने वाली मशीन (चाफ कटर) दी जाएगी। इस मशीन की अनुमानित कीमत ₹30,000 प्रति उपहार है और हर संभाग में ऐसे 3 उपहार दिए जाएंगे। दूसरा बदलाव पावर टिलर (11 किलोवाट) और 13.7 HP उपकरणों की श्रेणी में किया गया है — अब इनकी जगह 20 HP से कम क्षमता का छोटा ट्रैक्टर उपहार में मिलेगा। तीसरे बदलाव में पावर टिलर और रीपर जैसे उपकरणों की जगह 100 सीसी की मोटरसाइकिल दी जाएगी।

कौन से उपहार रहे यथावत

सभी उपहारों में बदलाव नहीं हुआ है। लकी ड्रॉ का प्रथम उपहार — 35 HP का ट्रैक्टर — यथावत रखा गया है, जो किसानों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण बना रहेगा। इसके अलावा 8 HP का पंपिंग सेट, जिसकी कीमत ₹55,000 है, भी सूची में बरकरार रहेगा और हर संभाग में ऐसे 2 उपहार दिए जाएंगे। पावर स्प्रेयर (₹5,000) भी उपहारों की सूची में बना रहेगा। यानी बदलाव सिर्फ उन्हीं श्रेणियों में हुआ है जहां किसानों की वास्तविक जरूरत के हिसाब से उपकरणों को और उपयोगी बनाया जा सके।

बदलाव के पीछे की वजह

अधिकारियों के मुताबिक इस फेरबदल का मकसद किसानों को ऐसे उपहार देना है जो उनकी खेती और पशुपालन में सीधे काम आएं। LED टीवी जहां मनोरंजन का साधन है, वहीं चारा काटने वाली मशीन पशुपालन करने वाले किसानों के रोज के काम को आसान बनाती है। इसी तरह छोटा ट्रैक्टर और मोटरसाइकिल खेत तक पहुंचने और सामान ढोने में उपयोगी साबित होंगे। मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस बदलाव की पुष्टि की है और बताया कि यह फेरबदल एक समिति की संस्तुति पर किया गया है।

योजना में लकी ड्रॉ की क्या भूमिका

मुख्यमंत्री कृषक उपहार योजना का उद्देश्य मंडी समितियों के माध्यम से किसानों को प्रोत्साहित करना है। मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस बदलाव की पुष्टि की है और बताया कि यह फेरबदल एक समिति की संस्तुति पर किया गया है। उपहारों को और व्यावहारिक बनाने से योजना में किसानों की भागीदारी बढ़ने की उम्मीद है। अधिकारी मानते हैं कि जब किसान देखेंगे कि उपहार उनके काम के हैं, तो वे मंडी व्यवस्था से और अधिक जुड़ेंगे।

यूपी में इस बदलाव से हजारों किसान परिवारों को सीधा फायदा होगा। मंडी परिषद का कहना है कि आने वाले ड्रॉ से ही नई उपहार सूची लागू कर दी जाएगी। किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपने नजदीकी मंडी समिति कार्यालय से ड्रॉ की तारीख और नियमों की जानकारी जरूर लें।

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