Maharashtra Drought Aid: ₹5,000 की सूखा राहत में बड़ी ढील, जनप्रतिनिधि-कर्मचारी-टैक्सपेयर्स भी पात्र

महाराष्ट्र सरकार ने सूखा प्रभावित किसानों को मिलने वाली ₹5,000 की एडवांस मदद की पात्रता शर्तों में सिर्फ 24 घंटे के भीतर बड़ी ढील दे दी है। राहत और पुनर्वास विभाग ने इस बारे में शासनादेश (GR) जारी कर दिया है।

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क्या बदला है?

मंगलवार को हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में दिवाली से पहले 304 सूखाग्रस्त तालुकों के किसानों को ₹5,000 की तत्काल मदद देने का फैसला हुआ था, जिसके लिए ₹7,500 करोड़ के फंड को मंजूरी मिली। शुरुआत में लाभार्थी तय करने के लिए कर्ज माफी के क्राइटेरिया लागू किए गए थे। इसके मुताबिक मौजूदा और पूर्व जनप्रतिनिधि (विधायक, सांसद आदि), ₹25,000 से अधिक मासिक वेतन/पेंशन पाने वाले सरकारी-अर्धसरकारी कर्मचारी और खेती की आय पर इनकम टैक्स देने वाले किसान मदद के लिए अयोग्य थे।

अब सरकार ने इन सभी बंधनों को हटा दिया है। नए आदेश के अनुसार जनप्रतिनिधि, सरकारी-अर्धसरकारी कर्मचारी और इनकम टैक्स देने वाले किसानों के लिए भी मदद पाने का रास्ता साफ हो गया है।

ढील क्यों दी गई?

राज्य सरकार का कहना है कि AgriStack सिस्टम में किसानों का रजिस्टर उनके पेशे या पद के हिसाब से वर्गीकृत नहीं है, इसलिए अयोग्य लोगों की पहचान करने में प्रशासनिक देरी होती। साथ ही यह राहत फसल के सीधे नुकसान की भरपाई के लिए है, न कि व्यक्ति के पेशे या सामाजिक स्थिति से जुड़ा लाभ। NDRF/SDRF के दिशा-निर्देश भी रोजगार या राजनीतिक स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं करते।

कौन सी शर्त बरकरार रहेगी?

खरीफ सीजन में फसल का कम से कम 33% नुकसान — यही एकमात्र शर्त अब भी लागू रहेगी। यानी जिन किसानों की फसल का 33% से अधिक नुकसान हुआ है, वे ही यह एडवांस मदद पाएंगे।

कितने किसान लाभान्वित होंगे?

इस योजना से करीब 1.5 करोड़ किसानों के लाभान्वित होने का अनुमान है। राशि AgriStack के जरिए DBT से सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। 1 नवंबर 2025 से घोषणा की तारीख के बीच विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत e-KYC करा चुके किसानों को दोबारा KYC नहीं कराना होगा।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

शिवसेना (UBT) ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में ₹5,000 की राहत को “फर्जी और खोखला” बताते हुए सवाल उठाया है कि 33% के कड़े नियम के कारण करीब आधे संकटग्रस्त किसानों के हाथ खाली रह जाएंगे। सरकार का कहना है कि मदद दिवाली से पहले पहुंचाने पर पूरा जोर है।

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