हिमाचल में 2 अक्टूबर से लागू ‘अपना परिवार सुखी परिवार’ योजना, महिलाओं को हर महीने ₹1500 और 300 यूनिट मुफ्त बिजली

हिमाचल के गरीब परिवारों को बड़ी राहत, 2 अक्टूबर से योजना लागू

हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर और गरीब परिवारों के लिए एक महत्वाकांक्षी नई योजना शुरू कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान ऐलान किया था कि 2 अक्टूबर 2026 से राज्य में ‘मुख्यमंत्री अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ लागू होगी। इस योजना का मकसद महंगाई के बोझ से दबे परिवारों को सीधी आर्थिक मदद पहुंचाना है।

ताजे अपडेट पाने के लिये हमारे ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

योजना पूरी तरह राज्य सरकार के अपने बजट से चलाई जाएगी। विभागीय जानकारी के अनुसार इस योजना के दायरे में प्रदेश के करीब 2 लाख जरूरतमंद परिवार आएंगे, जिनमें महिला प्रधान लाभार्थियों के बैंक खातों में हर महीने नकद सहायता पहुंचेगी।

क्या-क्या मिलेगा इस योजना में

  • पात्र परिवारों को हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी, जिससे घरेलू खर्च का बड़ा हिस्सा बचेगा।
  • परिवार की 21 से 59 साल की महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपये की सम्मान राशि सीधे बैंक खाते में दी जाएगी।
  • नकद लाभ परिवार की महिला के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजा जाएगा।
  • आय प्रमाण-पत्र के नियमों में ढील दी गई है — 31 जुलाई 2025 से 31 जुलाई 2026 के बीच जारी आय प्रमाण-पत्र मान्य रहेंगे।

बीपीएल से बाहर रहे परिवारों को भी मौका

सरकार ने इस योजना का दायरा उन परिवारों तक भी बढ़ाया है जो कभी बीपीएल सूची में दर्ज नहीं रहे, लेकिन आज वित्तीय संकट झेल रहे हैं। ऐसे लगभग 90 हजार अतिरिक्त परिवारों की पहचान सर्वे और तय मानकों के आधार पर की गई है। ग्रामीण विकास विभाग ने साफ किया है कि बीपीएल सूची में पहले से दर्ज परिवारों को सीधे बाहर नहीं किया जाएगा और नए नाम जोड़ने व अपात्र नाम हटाने का फैसला ग्राम सभा पारदर्शी तरीके से करेगी।

जमीनी स्तर पर तैयारियां तेज

योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए जिला, उपमंडल और विकास खंड स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। जिला कांगड़ा में उपायुक्त ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने हाल ही में एक जनसभा में भी कहा कि अति निर्धन परिवारों की महिलाएं इस योजना से आत्मनिर्भर बनेंगी और राज्य का घरेलू बजट संतुलित करने में इसे बड़ी भूमिका मिलेगी।

गौरतलब है कि इससे पहले ग्रामीण विकास विभाग ने छूटे हुए पात्र परिवारों से आवेदन मांगे थे, जिनकी जांच और अनुशंसा की प्रक्रिया पूरी होने के बाद लाभार्थियों की अंतिम सूची जारी की गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि नकद सहायता और मुफ्त बिजली का यह संयोजन पहाड़ी राज्य के गरीब परिवारों के लिए वास्तविक राहत साबित हो सकता है। (स्रोत: राइट न्यूज, नेशनल कैपिटल टाइम्स, हिमाचल डीपीआर रिपोर्ट)