दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी! लाडकी बहिन योजना की रुकी किस्त खातों में आनी शुरू, जानें किन्हें मिलेगा पैसा

लाखों महिलाओं का इंतजार खत्म, खातों में आने लगे 1500 रुपये

महाराष्ट्र की लाखों महिलाओं के लिए दिवाली से पहले बड़ी खुशखबरी आई है। राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी ‘मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिन योजना’ के तहत रुकी हुई सितंबर महीने की किस्त का भुगतान शुरू हो गया है। महिला एवं बाल विकास मंत्री अदिति एस. तटकरे ने जानकारी दी है कि पात्र महिलाओं के बैंक खातों में 1,500 रुपये की राशि भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और अगले दो-तीन दिनों में यह पैसा सभी लाभार्थियों तक पहुंच जाएगा।

ताजे अपडेट पाने के लिये हमारे ग्रुप को ज्वाइन करें Join Now

सरकारी आंकड़ों के अनुसार इस योजना से महाराष्ट्र की 2 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जिन्हें हर महीने 1,500 रुपये की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खातों में DBT के माध्यम से दी जाती है।

क्यों रुकी थी किस्त

पिछले कुछ समय से योजना में कुछ गड़बड़ियों की शिकायतें मिल रही थीं। कई जगह अपात्र लोगों के भी लाभ लेने की खबरें सामने आई थीं। इसके बाद सरकार ने लाभार्थियों के सत्यापन का काम दोबारा शुरू किया और इस प्रक्रिया में कई अपात्र नामों को सूची से हटा दिया गया। इसी सत्यापन के चलते सितंबर महीने की किस्त जारी होने में देरी हुई थी। अब वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद पात्र लाभार्थियों के खातों में राशि भेजी जा रही है।

e-KYC नहीं तो पैसा नहीं — जान लें सख्त नियम

  • मंत्री अदिति तटकरे ने साफ कहा है कि जिन महिलाओं ने अभी तक अपनी e-KYC नहीं कराई है, उनके खाते में पैसा नहीं आएगा।
  • सरकार ने e-KYC पूरी करने के लिए दो महीने का समय दिया है। अगर इस दौरान प्रक्रिया अधूरी रही तो आने वाले महीनों की किस्तें भी रुक जाएंगी।
  • बैंक खाते का आधार से लिंक होना और DBT विकल्प चालू होना भी अनिवार्य है।
  • जिन महिलाओं के आवेदन मंजूर हो चुके हैं लेकिन अब तक कोई किस्त नहीं मिली, उन्हें बकाया राशि भी एक साथ दी जाएगी।

कौन-कौन है पात्र

योजना का लाभ महाराष्ट्र की स्थायी निवासी महिलाओं को मिलता है, जिनकी उम्र 21 से 65 वर्ष के बीच है और परिवार की वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये से कम है। परिवार में आयकरदाता होने या चार पहिया वाहन होने पर लाभ नहीं मिलता। लाभार्थी का नाम राशन कार्ड में दर्ज होना और बैंक खाता DBT के लिए सक्रिय होना जरूरी है।

दिवाली से पहले आई इस राशि से महिलाओं को त्योहारी खर्च में बड़ी राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि राज्य सरकार की सख्त वेरिफिकेशन प्रक्रिया से योजना अधिक पारदर्शी बनेगी और वास्तविक जरूरतमंद महिलाओं तक लाभ पहुंचना सुनिश्चित होगा। (स्रोत: ज्ञानोक, महाराष्ट्र महिला एवं बाल विकास विभाग)