आंध्र प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी है। राज्य सरकार की ‘अन्नदाता सुखीभव–PM किसान’ योजना की दूसरी किस्त अक्टूबर 2026 में जारी होने की उम्मीद है, जिसमें पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में ₹7,000 की राशि सीधे ट्रांसफर की जाएगी। रबी सीजन से ठीक पहले मिलने वाली यह राशि किसानों के लिए बड़ी राहत साबित होगी।
यह योजना केंद्र की PM-KISAN योजना के साथ जुड़ी है। इसके तहत हर किसान परिवार को साल में कुल ₹20,000 की सहायता मिलती है — जिसमें राज्य सरकार ₹14,000 और केंद्र सरकार PM-KISAN के तहत ₹6,000 देती है।
पहली किस्त में 46.85 लाख किसानों को मिला लाभ
योजना की पहली किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। इसमें ₹7,000 की राशि (राज्य के ₹5,000 + PM-KISAN के ₹2,000) राज्य के 46.85 लाख किसान परिवारों के खातों में भेजी गई थी, जिस पर कुल ₹3,125.47 करोड़ खर्च हुए थे।
| किस्त | राशि | समय |
|---|---|---|
| पहली किस्त | ₹7,000 (₹5,000 राज्य + ₹2,000 PM-KISAN) | 20 जून 2026 — जारी |
| दूसरी किस्त | ₹7,000 | अक्टूबर 2026 — अपेक्षित (रबी सीजन) |
| तीसरी किस्त | ₹6,000 | फरवरी 2027 — अपेक्षित |
दूसरी किस्त के बाद तीसरी और अंतिम किस्त फरवरी 2027 में जारी होने की उम्मीद है, जिसमें ₹6,000 मिलेंगे। इस तरह एक वित्तीय वर्ष में किसान परिवार को कुल ₹20,000 की सहायता पूरी हो जाएगी।
e-KYC और DBT सीडिंग क्यों जरूरी
सरकार ने साफ किया है कि बिना e-KYC और आधार-NPCI (DBT) सीडिंग के पैसा खाते में नहीं पहुंचेगा। e-KYC से यह सुनिश्चित होता है कि लाभ सही किसान को मिल रहा है, जबकि DBT सीडिंग से राशि सीधे आधार से जुड़े बैंक खाते में ट्रांसफर होती है। जिन किसानों ने यह प्रक्रिया नहीं कराई है, वे नजदीकी बैंक शाखा या CSC केंद्र से इसे जल्द पूरा करा लें।
e-Crop पंजीकरण भी अनिवार्य शर्तों में शामिल है। इसके जरिए सरकार के पास इस बात का रिकॉर्ड रहता है कि किसान ने किस जमीन पर कौन सी फसल बोई है, जिससे योजना का लाभ वास्तविक किसानों तक ही पहुंचता है।
किन किसानों को मिलेगा लाभ
इस योजना का दायरा काफी व्यापक है। भूमि के मालिक (land-owner) किसानों के साथ-साथ RoFR (वन अधिकार) धारक और बटाईदार या किराएदार (tenant) किसान भी इसके पात्र हैं। यानी जो किसान दूसरे की जमीन पर खेती करते हैं, वे भी इस योजना से बाहर नहीं हैं।
पात्रता की शर्तें — इन्हें जरूर पूरा करें
लाभ पाने के लिए कुछ शर्तें पूरी करनी जरूरी हैं: आवेदक आंध्र प्रदेश का निवासी हो, भूमि रिकॉर्ड और e-Crop पंजीकरण (registration) पूरा हो, और परिवार की वार्षिक आय ₹5 लाख से कम हो।
इसके अलावा परिवार में कोई आयकर दाता (income-tax payer) न हो, परिवार के पास चारपहिया वाहन न हो और कोई सदस्य सरकारी कर्मचारी न हो। सबसे अहम — e-KYC पूरा होना चाहिए और बैंक खाते में आधार-NPCI (DBT) सीडिंग अनिवार्य है। बिना DBT सीडिंग के पैसा खाते में नहीं पहुंचेगा।
जिन किसानों ने अभी तक e-KYC या DBT सीडिंग नहीं कराई है, उन्हें सलाह है कि वे अक्टूबर की किस्त से पहले यह प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि भुगतान अटके नहीं।
बटाईदार किसानों के लिए बड़ी राहत
इस योजना की खास बात यह है कि इसमें सिर्फ जमीन के मालिक ही नहीं, बल्कि RoFR (वन अधिकार) धारक और बटाईदार या किराएदार (tenant) किसान भी शामिल हैं। अक्सर सरकारी योजनाओं का लाभ उन किसानों तक नहीं पहुंचता जो दूसरे की जमीन पर खेती करते हैं, लेकिन अन्नदाता सुखीभव में उन्हें भी जगह दी गई है।
रबी सीजन में काम आएगी राशि
अक्टूबर में मिलने वाली ₹7,000 की किस्त रबी सीजन की बुवाई से ठीक पहले आएगी। इस समय किसानों को बीज, खाद और सिंचाई के लिए नकदी की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। समय पर मिलने वाली यह सहायता छोटे और सीमांत किसानों को साहूकारों से कर्ज लेने से भी बचाएगी।
पेमेंट स्टेटस कैसे चेक करें
किसान योजना के आधिकारिक पोर्टल annadathasukhibhava.ap.gov.in पर जाकर अपने भुगतान की स्थिति (payment status) चेक कर सकते हैं। किसी भी समस्या या जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 155251 पर संपर्क किया जा सकता है।
रबी सीजन की बुवाई से पहले खाते में आने वाले ₹7,000 से किसान बीज, खाद और अन्य कृषि आदानों (inputs) की खरीद आसानी से कर सकेंगे। राज्य सरकार का दावा है कि यह योजना छोटे और सीमांत किसानों की आर्थिक सुरक्षा का मजबूत आधार बन रही है।
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