Shubman Gill : टीम इंडिया को ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार का मुंह देखना पड़ा. इस हार के साथ ही भारतीय टीम ने सीरीज भी गंवा दी है. टीम के गेंदबाज 265 रनों के लक्ष्य का बचाव करने में नाकाम रहे. कंगारू टीम ने दूसरे वनडे को 2 विकेट से अपने नाम किया.
बतौर कप्तान पहली ही वनडे सीरीज गिल ने गंवा दी है. हार के बाद कैप्टन टीम की फील्डिंग से खासतौर पर काफी खफा नजर आए. उन्होंने हार के लिए फील्डर्स को जिम्मेदार ठहराया. वहीं, गिल ने रोहित शर्मा की पारी की जमकर तारीफ भी की है.
हार पर क्या बोले कप्तान गिल?
शुभमन गिल ने दूसरे वनडे में मिली हार के बाद कहा, “हमने बोर्ड पर पर्याप्त रन लगाए थे. ऐसे टारगेट का बचाव करना तब आसान नहीं होता है जब आप हाथ आए कई मौकों को गंवा देते हैं. पहले मैच में बारिश की वजह से टॉस काफी महत्वपूर्ण था. हालांकि, इस मुकाबले में टॉस की भूमिका कुछ खास नहीं थी, क्योंकि दोनों ही टीमों ने लगभग 50-50 ओवर खेले. शुरुआत में विकेट थोड़ी बहुत हरकत कर रही थी. मगर 15 से 20 ओवर के बाद पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी हो गई थी.”
रोहित की जमकर की तारीफ
रोहित शर्मा की तारीफ करते हुए गिल ने कहा, “इतने लंबे समय बाद वापसी करते हुए प्रतिस्पर्थी क्रिकेट खेलना बिल्कुल भी आसान नहीं होता है. हालांकि, शुरुआत में बैटिंग करना काफी चैलेंजिंग था. बहुत ही अच्छा लगा जिस तरह से रोहित ने बल्लेबाजी की. उन्होंने शुरुआत में कमाल की लड़ाई लड़ी. मेरे हिसाब से वह काफी बड़ी पारी खेलने से बस चूक गए.”
रोहित ने बेहतरीन बैटिंग करते हुए 97 गेंदों का सामना करते हुए 73 रनों की दमदार पारी खेली. अपनी इस इनिंग के दौरान हिटमैन ने 7 चौके और 2 सिक्स जमाए. वहीं, श्रेयस अय्यर ने भी मुश्किल हालातों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 61 रन ठोके.

भूदेव भगलिया एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में अपनी गहरी पकड़ और सटीक लेखन शैली से अलग पहचान बनाई है। पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक अनुभव के साथ, भूदेव जी ने दैनिक हिंदुस्तान में 12 वर्षों तक और अमर उजाला में एक वर्ष तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वर्तमान में वे जागरूक यूथ न्यूज़ अखबार एवं पोर्टल में कंटेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं, जहाँ वे न्यूज़ कंटेंट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भूदेव भगलिया हमेशा उन मुद्दों पर कलम उठाते हैं जो समाज और युवा पीढ़ी को जागरूक करने में सहायक हों।
