jynews-Rohit Sharma-दिग्गज बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) पिछले एक दशक से वनडे क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में से एक रहे हैं। उनके नाम तीन दोहरे शतक हैं, जो अब तक किसी और बल्लेबाज ने नहीं बनाए हैं। लेकिन अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या रोहित को अब वनडे क्रिकेट से भी रिटायरमेंट ले लेना चाहिए?
उन्होंने पहले ही टेस्ट और टी20 फॉर्मेट से अलविदा कह दिया है और अब सिर्फ वनडे खेल रहे हैं। लेकिन हाल के प्रदर्शन और टीम की जरूरतों को देखते हुए ऐसा लगता है कि अब उन्हें इस फॉर्मेट से भी सम्मान के साथ विदाई ले लेनी चाहिए। आइए जानते हैं तीन बड़े कारण, क्यों अब रोहित शर्मा (Rohit Sharma) को वनडे क्रिकेट से रिटायर हो जाना चाहिए।
Rohit Sharma का गिरता प्रदर्शन और पुरानी चमक का खत्म होना
रोहित शर्मा (Rohit Sharma) कभी वनडे क्रिकेट के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों में से एक थे। उनकी बल्लेबाजी में पहले जैसा आत्मविश्वास और लय अब दिखाई नहीं देता। 2024 के बाद से उन्होंने जितने भी वनडे मैच खेले हैं, उनमें उनका औसत और स्ट्राइक रेट काफी कम हुआ है। हाल ही में पर्थ में खेले गए मैच में वह सिर्फ 8 रन बनाकर आउट हो गए।
पहले रोहित शुरुआती ओवरों में ही गेंदबाजों पर हावी हो जाया करते थे, लेकिन अब वह रन बनाने के लिए संघर्ष करते नजर आते हैं। पारी को लंबा खेलने और मैच खत्म करने की क्षमता भी पहले जैसी नहीं रही।
कई क्रिकेट विशेषज्ञों का कहना है कि जब कोई खिलाड़ी लगातार फॉर्म में नहीं लौट पा रहा हो, तो उसे खुद फैसला लेकर सम्मान के साथ मैदान छोड़ देना चाहिए। फिलहाल यही स्थिति रोहित शर्मा के साथ नजर आ रही है।
युवा खिलाड़ियों को मौका देने का सही समय
टीम इंडिया के पास इस समय कई ऐसे युवा खिलाड़ी हैं जो रोहित शर्मा (Rohit Sharma) की जगह ले सकते हैं। शुभमन गिल और यशस्वी जायसवाल जैसे खिलाड़ी शानदार फॉर्म में हैं और टीम के भविष्य का चेहरा बन चुके हैं।
गिल पहले से ही ओपनिंग में बढ़िया प्रदर्शन कर रहे हैं, जबकि जायसवाल अपनी तेज बल्लेबाजी से सभी को प्रभावित कर रहे हैं। अगर रोहित टीम में बने रहते हैं, तो युवाओं को मौके कम मिलेंगे।
रोहित शर्मा (Rohit Sharma) भारत के लिए अब तक 250 से ज्यादा वनडे खेल चुके हैं और लगभग हर बड़ी उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। अब अगर वह टीम से हटते हैं, तो यह न केवल सम्मानजनक फैसला होगा, बल्कि युवाओं को भी आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।
जैसे महेंद्र सिंह धोनी ने सही समय पर रिटायर होकर युवाओं को जगह दी थी, वैसे ही अगर रोहित अब यह कदम उठाते हैं, तो यह भारतीय क्रिकेट के लिए सही फैसला होगा।
2027 वर्ल्ड कप और बढ़ती उम्र की चुनौती
रोहित शर्मा (Rohit Sharma) ने कहा था कि वह 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक खेलना चाहते हैं और भारत को ट्रॉफी दिलाना चाहते हैं। लेकिन तब उनकी उम्र 40 साल होगी। इस उम्र में फिटनेस और प्रदर्शन बनाए रखना आसान नहीं होता।
उम्र बढ़ने के साथ फील्डिंग, रनिंग और रिकवरी में मुश्किलें बढ़ जाती हैं। अगर वह तब तक टीम में बने रहते हैं, तो इसका असर भारत की तैयारी पर पड़ सकता है।
टीम को आने वाले दो सालों में युवाओं को मौका देना चाहिए ताकि वे अनुभव हासिल करें और 2027 तक पूरी तरह तैयार हो जाएं। अगर रोहित अभी भी ओपनिंग करते रहेंगे, तो नई ओपनिंग जोड़ी और स्थिर टीम तैयार करने में वक्त लग जाएगा।
इससे भारत को वर्ल्ड कप में एक अस्थिर शुरुआत मिल सकती है। इसलिए अगर रोहित अभी रिटायर हो जाते हैं, तो यह न सिर्फ उनके करियर का अच्छा अंत होगा बल्कि टीम इंडिया को भविष्य के लिए मजबूत नींव भी मिलेगी।
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भूदेव भगलिया एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में अपनी गहरी पकड़ और सटीक लेखन शैली से अलग पहचान बनाई है। पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक अनुभव के साथ, भूदेव जी ने दैनिक हिंदुस्तान में 12 वर्षों तक और अमर उजाला में एक वर्ष तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वर्तमान में वे जागरूक यूथ न्यूज़ अखबार एवं पोर्टल में कंटेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं, जहाँ वे न्यूज़ कंटेंट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भूदेव भगलिया हमेशा उन मुद्दों पर कलम उठाते हैं जो समाज और युवा पीढ़ी को जागरूक करने में सहायक हों।
