उत्तर प्रदेश के युवाओं के लिए बड़ी खबर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में 9 अक्टूबर को हुई कैबिनेट बैठक में ‘सरदार वल्लभभाई पटेल कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार जोन’ (Sardar Vallabhbhai Patel Skill Training and Employment Zone) विकास योजना को मंजूरी दे दी गई है। यह योजना राज्य के सभी 75 जिलों को कवर करेगी।
सरकार का लक्ष्य उत्तर प्रदेश को कुशल मानव संसाधन (skilled manpower) का “अल्टीमेट सोर्सिंग हब” और “ग्लोबल मैनपावर हब” बनाना है — यानी देश ही नहीं, विदेशों में भी यूपी के प्रशिक्षित युवाओं की मांग पैदा करना।
9 इंटीग्रेटेड जोन, 75 जिले
इस योजना के तहत पूरे राज्य में 9 इंटीग्रेटेड जोन विकसित किए जाएंगे, जिनके दायरे में सभी 75 जिले आएंगे। हर जोन में कौशल प्रशिक्षण केंद्र स्थापित होंगे, जहां युवाओं को इंडस्ट्री की मांग के अनुसार (industry demand-based) स्किल ट्रेनिंग दी जाएगी।
खास बात यह है कि प्रशिक्षण सिर्फ सर्टिफिकेट तक सीमित नहीं रहेगा। योजना में प्रशिक्षित युवाओं को घरेलू और अंतरराष्ट्रीय रोजगार से जोड़ने (linkage) की व्यवस्था भी शामिल है — यानी ट्रेनिंग के बाद नौकरी दिलाने में भी मदद मिलेगी।
इंडस्ट्री की मांग के हिसाब से ट्रेनिंग
सरकार का कहना है कि अक्सर युवाओं के पास डिग्री तो होती है, लेकिन इंडस्ट्री को जिस स्किल की जरूरत होती है, वह नहीं होती। इस खाई को पाटने के लिए जोन में वही प्रशिक्षण दिया जाएगा जिसकी बाजार में असल मांग है — मैन्युफैक्चरिंग, सर्विसेज, टेक्नोलॉजी और अन्य उभरते क्षेत्रों में।
विदेशों में भारतीय कुशल श्रमिकों की मांग लगातार बढ़ रही है। इस योजना के जरिए यूपी के युवाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों का प्रशिक्षण देकर ग्लोबल जॉब मार्केट के लिए तैयार किया जाएगा, जिससे राज्य से विदेशों में रोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
क्यों जरूरी है स्किल ट्रेनिंग
आज बड़ी संख्या में युवा डिग्री लेकर भी बेरोजगार हैं, क्योंकि उनके पास वह हुनर नहीं होता जिसकी कंपनियों को जरूरत होती है। इसी स्किल गैप को भरने के लिए सरकार अब इंडस्ट्री की मांग के अनुसार प्रशिक्षण देने पर जोर दे रही है। 9 इंटीग्रेटेड जोन में वही कोर्स चलाए जाएंगे जिनसे युवाओं को सीधे नौकरी मिल सके।
मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस सेक्टर, टेक्नोलॉजी और नए उभरते क्षेत्रों में कुशल युवाओं की मांग लगातार बढ़ रही है। इन जोन में प्रशिक्षित युवाओं को सिर्फ देश में ही नहीं, बल्कि विदेशों में भी रोजगार के अवसरों से जोड़ा जाएगा — यही इस योजना को दूसरी स्किल योजनाओं से अलग बनाता है।
ग्लोबल मैनपावर हब का विजन
सरकार का कहना है कि उत्तर प्रदेश को कुशल मानव संसाधन का ‘अल्टीमेट सोर्सिंग हब’ बनाया जाएगा। इसका मतलब है कि देश-विदेश की कंपनियां जब प्रशिक्षित कर्मचारी खोजेंगी, तो उनकी पहली पसंद यूपी के युवा होंगे। विदेशों में भारतीय श्रमिकों की साख पहले से अच्छी है, और इस योजना से उसे और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को भी तोहफा
उसी कैबिनेट बैठक में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं के लिए भी अहम फैसला लिया गया। अब उन्हें हर साल 2 की जगह 3 साड़ियां दी जाएंगी। इस फैसले से राज्य की 3,80,290 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को लाभ मिलेगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ग्रामीण और शहरी गरीब बस्तियों में पोषण, टीकाकरण और प्रारंभिक शिक्षा जैसी सेवाओं की रीढ़ हैं। सरकार का मानना है कि उनकी सुविधाएं बढ़ाने से जमीनी स्तर की सेवाओं की गुणवत्ता भी सुधरेगी।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिकाएं गांव-गांव में बच्चों के पोषण, गर्भवती महिलाओं की देखभाल और टीकाकरण जैसे काम संभालती हैं। हर साल 3 साड़ियां मिलने से उनकी यूनिफॉर्म की जरूरत पूरी होगी और उनके सम्मान में भी इजाफा होगा। 3,80,290 की बड़ी संख्या को देखते हुए यह फैसला जमीनी कार्यकर्ताओं के मनोबल के लिए अहम माना जा रहा है।
युवाओं के लिए क्या मायने
अगर आप यूपी के युवा हैं और रोजगार की तलाश में हैं, तो यह योजना आपके लिए बड़ा अवसर हो सकती है। 9 जोन के जरिए हर जिले के युवाओं तक प्रशिक्षण पहुंचेगा और ट्रेनिंग के बाद देश-विदेश में नौकरी का लिंकेज मिलेगा।
योजना के क्रियान्वयन का विस्तृत खाका — जोन की लोकेशन, कोर्स, आवेदन प्रक्रिया — सरकार जल्द जारी करेगी। आधिकारिक अधिसूचना के लिए राज्य के कौशल विकास विभाग की वेबसाइट और सरकारी घोषणाओं पर नजर रखें।

Bhudev Bhagaliya is an experienced and senior journalist who has carved a distinct niche for himself in the world of Hindi journalism through his profound understanding and precise writing style. With over two decades of experience in the field of journalism, he has held key responsibilities at Dainik Hindustan for 12 years and at Amar Ujala for one year. Currently, he serves as the Content Editor for the Jagrook Youth News newspaper and portal, where he plays a crucial role in ensuring the quality and credibility of the news content. Bhudev Bhagaliya consistently writes about issues that help raise awareness within society and among the younger generation.