नए साल से पहले योगी सरकार का बड़ा तोहफा! बुजुर्गों, विधवाओं और दिव्यांगों की पेंशन ₹1,000 से बढ़कर ₹1,500 होगी

उत्तर प्रदेश के 1.20 करोड़ से अधिक बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों के लिए खुशखबरी है। योगी आदित्यनाथ सरकार सामाजिक पेंशन योजनाओं के तहत मिलने वाली मासिक आर्थिक सहायता को ₹1,000 से बढ़ाकर ₹1,500 करने की तैयारी कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रस्ताव पर सैद्धांतिक सहमति दे दी है, और प्रस्ताव को नवंबर 2026 के दूसरे पखवाड़े में कैबिनेट के सामने लाए जाने की संभावना है।

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प्रस्ताव मंजूर होते ही हर पात्र लाभार्थी को हर महीने ₹500 अतिरिक्त मिलेंगे। वर्तमान में इन योजनाओं के लाभार्थियों को सालाना ₹12,000 मिलते हैं, जो बढ़कर ₹18,000 हो जाएंगे — यानी सालाना ₹6,000 का अतिरिक्त लाभ। सरकार का लक्ष्य चालू वित्तीय वर्ष की तीसरी तिमाही से बढ़ी हुई पेंशन देना है, जिसके लिए अनुपूरक बजट में धनराशि का प्रावधान किया जाएगा।

तीन योजनाओं के लाभार्थियों को मिलेगा फायदा

यह बढ़ोतरी तीन प्रमुख सामाजिक पेंशन योजनाओं पर लागू होगी — वृद्धावस्था पेंशन योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना और दिव्यांगजन पेंशन योजना। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वृद्धावस्था पेंशन योजना के 67 लाख से अधिक बुजुर्ग लाभार्थी हैं। दूसरी तिमाही में निराश्रित महिला पेंशन योजना के लाभार्थियों की संख्या 42,35,911 तक पहुंच गई है, जो पहली तिमाही से 98,735 अधिक है। दिव्यांगजन पेंशन योजना के तहत 12 लाख से अधिक लोग लाभ प्राप्त कर रहे हैं। तीनों को मिलाकर कुल लाभार्थी 1.20 करोड़ से अधिक हैं।

2017 के बाद से तीसरी बढ़ोतरी

उल्लेखनीय है कि वर्ष 2017 में योगी सरकार ने सत्ता संभालने के बाद इन सामाजिक पेंशन योजनाओं की राशि ₹500 से बढ़ाकर ₹1,000 प्रतिमाह की थी। अब प्रस्तावित बदलाव के तहत पेंशन को ₹1,500 मासिक करने की तैयारी है। यानी लागू होने पर वृद्धावस्था, दिव्यांगजन और निराश्रित महिला पेंशन की राशि 2017 के मुकाबले तीन गुना हो जाएगी। बढ़ती महंगाई के दौर में यह आर्थिक सहायता पात्र बुजुर्गों, निराश्रित महिलाओं और दिव्यांगजनों को बड़ा संबल देगी।

Eligibility और Important Dates

वर्तमान में इन योजनाओं के पात्र लाभार्थी वही लोग हैं जो पहले से पंजीकृत हैं — 60 वर्ष से अधिक आयु के गरीब बुजुर्ग (वृद्धावस्था पेंशन), निराश्रित महिलाएं (विशेषकर विधवा और परित्यक्त महिलाएं), और 40% या अधिक दिव्यांगता वाले दिव्यांगजन। आवेदन के लिए आधार कार्ड, आय प्रमाणपत्र और निवास प्रमाणपत्र आवश्यक हैं। सरकार ने अभी कैबिनेट की औपचारिक मंजूरी और बजट की व्यवस्था पूरी होने तक इसे प्रस्तावित बढ़ोतरी के रूप में ही देखने को कहा है, लेकिन नवंबर में कैबिनेट से हरी झंडी मिलते ही यह राज्य के 1.20 करोड़ परिवारों के लिए दिवाली से पहले का सबसे बड़ा तोहफा साबित हो सकता है।

समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के मुताबिक, बढ़ी पेंशन से बुजुर्गों को आर्थिक संबल मिलेगा और वे सम्मानजनक जीवन जी सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि भुगतान सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में DBT के माध्यम से किया जाएगा, ताकि कोई बिचौलिया न हो।