Railway Diwali bonus 78 days: 11.40 लाख रेल कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस, ₹2009 करोड़ खर्च होंगे

नई दिल्ली। दिवाली से ठीक पहले रेलवे कर्मचारियों को बड़ी सौगात मिली है। 14 अक्टूबर 2026 को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में भारतीय रेलवे के करीब 11.40 लाख कर्मचारियों को 78 दिन का बोनस देने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई। इस घोषणा की जानकारी केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दी। रेलवे कर्मचारियों को दिए जाने वाले इस बोनस पर सरकार करीब ₹2,009 करोड़ खर्च करेगी।

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Railway Diwali bonus 78 days: उत्पादकता आधारित बोनस है यह

रेलवे के कर्मचारियों को दिया जाने वाला यह बोनस productivity-linked bonus यानी उत्पादकता आधारित बोनस है। इसका मतलब है कि यह बोनस रेलवे के संचालन प्रदर्शन और उत्पादकता से जुड़ा होता है। रेलवे में यह परंपरा लंबे समय से चली आ रही है कि हर साल दिवाली के आसपास कर्मचारियों को बोनस दिया जाता है। रेलवे कर्मचारियों के संगठन लंबे समय से 78 दिन के बोनस की मांग कर रहे थे, और इस बार कैबिनेट ने उनकी मांग को स्वीकार कर लिया है।

किसे कितना बोनस मिलेगा

बोनस की गणना के लिए अधिकतम मासिक वेतन की सीमा ₹7,000 तय की गई है। इस आधार पर 78 दिन के बोनस की अधिकतम राशि ₹17,951 बनती है। हालांकि हर कर्मचारी को मिलने वाली असली रकम उसकी पात्रता, वेतनमान और लागू नियमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है। जो कर्मचारी पात्रता मानदंडों को पूरा करते हैं, उन्हें बोनस की राशि दिवाली से पहले मिलने की उम्मीद है। रेल मंत्रालय की ओर से बोनस के भुगतान का विस्तृत शेड्यूल जल्द जारी किया जाएगा।

दिवाली से पहले फैसला क्यों अहम

इस साल दिवाली 20 और 21 अक्टूबर 2026 को मनाई जा रही है। त्योहारी सीजन से ठीक पहले बोनस की घोषणा से 11.40 लाख रेल परिवारों की दिवाली खुशियों भरी होने की उम्मीद है। रेलवे देश के सबसे बड़े रोजगारदाताओं में से एक है, और इसके कर्मचारियों की संख्या इतनी बड़ी है कि यह बोनस सीधे लाखों परिवारों की खरीदारी और खर्च की क्षमता को प्रभावित करेगा। दिवाली के मौके पर बाजार में होने वाली खरीदारी पर भी इसका सकारात्मक असर पड़ सकता है।

रेलवे कर्मचारियों के लिए क्या मायने रखता है यह फैसला

रेलवे में ट्रैकमैन, तकनीशियन, ड्राइवर, गार्ड और स्टेशन स्टाफ जैसे लाखों कर्मचारी दिन-रात देश की परिवहन व्यवस्था को चलाते हैं। त्योहारों के समय इन कर्मचारियों पर काम का बोझ सबसे ज्यादा होता है, क्योंकि यात्रियों की भारी भीड़ को संभालना पड़ता है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि बोनस सिर्फ आर्थिक मदद नहीं है, बल्कि उनके योगदान को मिलने वाली मान्यता भी है। बोनस की यह राशि कई परिवारों के लिए दिवाली की खरीदारी, बच्चों की पढ़ाई और घर के खर्चों में बड़ी राहत देगी।

बोनस से जुड़े मुख्य तथ्य एक नजर में

78 दिन का बोनस रेलवे कर्मचारियों के लिए हर साल दिवाली के आसपास मिलने वाली सबसे बड़ी नकद सुविधा है। इसकी गणना के लिए ₹7,000 की मासिक वेतन सीमा तय है, और इस सीमा पर अधिकतम ₹17,951 का बोनस बनता है। जो कर्मचारी पूरे साल सेवा में रहे हैं, उन्हें पूरा लाभ मिलने की संभावना रहती है, जबकि आंशिक सेवा वाले कर्मचारियों की राशि नियमों के अनुसार तय होगी। कर्मचारी संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया है और बोनस के समय पर भुगतान की मांग भी दोहराई है, ताकि दिवाली से पहले पैसा कर्मचारियों के खातों में पहुंच जाए।

सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों के लिए त्योहारी सीजन में आने वाली आर्थिक घोषणाओं की हमारी Ladli Behna Yojana की 41वीं किस्त रिपोर्ट भी पढ़ें, जिसमें अक्टूबर में महिलाओं के खातों में ₹1,500 पहुंचने की जानकारी है। रोजगार और कौशल विकास से जुड़ी एक अन्य बड़ी योजना Dakshata Vikas Yojana के बारे में भी जानें, जिसे ओडिशा कैबिनेट ने मंजूरी दी है।