PM Vishwakarma Yojana: 2028 का लक्ष्य पहले ही पार, 30 लाख से ज्यादा कारीगर पंजीकृत, ₹5,350 करोड़ का ऋण स्वीकृत

केंद्र सरकार की PM Vishwakarma Yojana ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। सरकार ने 2028 तक 30 लाख कारीगरों के पंजीकरण का जो लक्ष्य तय किया था, वह समय से पहले ही पूरा हो गया — 30 सितंबर 2026 तक 30,03,925 कारीगर पंजीकृत हो चुके हैं। PIB द्वारा 16 सितंबर 2026 को जारी आधिकारिक रिलीज़ में भी इन आंकड़ों की पुष्टि हुई है। यह योजना परंपरागत हुनर रखने वाले कारीगरों और शिल्पकारों को प्रशिक्षण, टूलकिट और बिना गारंटी का ऋण देती है।

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PM Vishwakarma Yojana: ऋण स्वीकृत, मुफ्त पैसा नहीं

यहां एक अहम बात स्पष्ट करना जरूरी है: इस योजना के तहत जो पैसा मिलता है वह स्वीकृत ऋण है — मुफ्त बंटवारा या अनुदान नहीं। अब तक 6.23 लाख से ज्यादा कारीगरों को ₹5,350 करोड़ से अधिक का बिना गारंटी वाला ऋण स्वीकृत किया गया है। यह ऋण ₹1 लाख और ₹2 लाख की दो किस्तों में मिलता है, जिस पर 5% की रियायती ब्याज दर लगती है और यह चुकाया जाना आवश्यक है। इसके साथ ही 26.17 लाख से ज्यादा टूलकिट ई-वाउचर भी जारी किए जा चुके हैं।

PM Vishwakarma Yojana के फायदे: ट्रेनिंग और टूलकिट

योजना के तहत 24.39 लाख से ज्यादा कारीगर बुनियादी प्रशिक्षण पूरा कर चुके हैं। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिदिन ₹500 का वजीफा मिलता है, और काम के औजार खरीदने के लिए ₹15,000 का टूलकिट ई-वाउचर दिया जाता है। राजस्थान में ही अब तक 62,000 से ज्यादा ऋण मंजूर हुए हैं। आईआईएम मुंबई की स्वतंत्र मूल्यांकन रिपोर्ट के अनुसार प्रशिक्षण के बाद 93% लाभार्थियों की आय में बढ़ोतरी दर्ज हुई है — यानी यह योजना सिर्फ कर्ज नहीं, हुनर को रोजगार में बदलने का रास्ता है।

कैसे करें आवेदन

इच्छुक कारीगर नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं। पंजीकरण के बाद बुनियादी और उन्नत प्रशिक्षण का रास्ता खुलता है, जिसके पूरा होने पर टूलकिट वाउचर और ऋण की पात्रता बनती है। आधिकारिक जानकारी और पात्रता शर्तों के लिए योजना की सरकारी वेबसाइट और जन सेवा केंद्र से ही पुष्टि करें — व्हाट्सऐप पर फैलने वाले फॉर्म भरने वाले संदेशों से सावधान रहें।

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