बिजली का बिल हर महीने जेब पर बोझ बनता जा रहा है। लेकिन क्या हो अगर आपकी छत ही बिजली बनाने लगे? केंद्र सरकार की पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना इसी सपने को हकीकत बना रही है। इस योजना के तहत घर की छत पर सोलर पैनल लगवाने पर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलती है, और सरकार ₹78,000 तक की सब्सिडी भी देती है। सितंबर 2026 में इस योजना को लेकर बिहार से दिल्ली तक बड़ी हलचल है — कहीं सोलर मेले लग रहे हैं, तो कहीं नए रजिस्ट्रेशन पोर्टल लॉन्च हो रहे हैं। पूरी जानकारी इस आर्टिकल में।
योजना एक नजर में: PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana
- लक्ष्य: देश के 1 करोड़ घरों की छतों पर सोलर पैनल
- मुफ्त बिजली: हर महीने 300 यूनिट तक
- केंद्रीय सब्सिडी: पहले 2 kW पर ₹30,000 प्रति kW + तीसरे kW पर ₹18,000 प्रति kW
- अधिकतम सब्सिडी: 3 kW या उससे बड़े सिस्टम पर ₹78,000
- आधिकारिक पोर्टल: pmsuryaghar.gov.in
सब्सिडी की वजह से सोलर पैनल की लागत काफी कम हो जाती है, जिससे बैंक से बड़ा लोन लेने की जरूरत भी घटती है। और नेट मीटरिंग की सुविधा से बची हुई बिजली ग्रिड को बेचकर अतिरिक्त कमाई भी की जा सकती है।
सितंबर 2026 की बड़ी खबरें: बिहार में मेले, दिल्ली में नया पोर्टल
बिहार: ₹98,000 तक का फायदा, सोलर मेले जारी
बिहार में इस योजना को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिल रहा है। यहां 3 kW या उससे बड़े सोलर सिस्टम पर लाभार्थियों को कुल ₹98,000 तक की मदद मिल रही है — ₹78,000 केंद्रीय सब्सिडी के साथ राज्य सरकार की ओर से ₹20,000 का अतिरिक्त टॉप-अप। बिजली वितरण कंपनियां SBPDCL और NBPDCL जगह-जगह सोलर मेले लगा रही हैं ताकि लोग योजना को समझकर तुरंत आवेदन कर सकें। ऐसा ही एक मेला 4 सितंबर 2026 को भागलपुर के सन्हौला में आयोजित हुआ।
दिल्ली: CM ने लॉन्च किया रजिस्ट्रेशन पोर्टल
दिल्ली में 21 सितंबर 2026 को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने योजना के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल लॉन्च किया। दिल्ली सरकार का लक्ष्य मार्च 2027 तक 2.25 से 2.30 लाख घरों की छतों पर सोलर पैनल लगवाना है, जिससे करीब 500 मेगावाट अतिरिक्त रूफटॉप क्षमता जुड़ेगी। आवेदन पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर स्वीकार होंगे। दिल्ली में राज्य सरकार की ओर से ₹10,000 प्रति kW (अधिकतम ₹30,000) की अतिरिक्त सब्सिडी भी मिलेगी, जो नेशनल पोर्टल के जरिए DBT से सीधे खाते में आएगी।
Registration कैसे करें? जरूरी Documents
आवेदन की प्रक्रिया नेशनल पोर्टल pmsuryaghar.gov.in के जरिए होती है। आवेदन के लिए ये Documents Required हैं:
- वैध सरकारी पहचान पत्र (ID proof)
- पते का प्रमाण (address proof)
- ताजा बिजली बिल — जिसमें उपभोक्ता नंबर (consumer number) साफ दिखे
- आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर
- DBT के लिए बैंक खाते का विवरण
Registration के बाद डिस्कॉम (बिजली कंपनी) की ओर से तकनीकी जांच होती है, फिर अधिकृत वेंडर से सोलर पैनल लगवाया जाता है। इंस्टॉलेशन और नेट मीटरिंग के बाद सब्सिडी सीधे आपके बैंक खाते में DBT के जरिए आ जाती है।
सोलर पैनल लगवाने के फायदे
- हर महीने 300 यूनिट तक बिजली मुफ्त — बिल में भारी कटौती
- ₹78,000 तक केंद्रीय सब्सिडी (+ राज्यों के अतिरिक्त लाभ)
- नेट मीटरिंग से अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई का मौका
- लोन पर निर्भरता कम, एकमुश्त लागत घटी
- पर्यावरण के लिए स्वच्छ और हरित ऊर्जा
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. पीएम सूर्य घर योजना में कितनी मुफ्त बिजली मिलती है? छत पर सोलर पैनल लगवाने पर हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली का लाभ मिलता है।
Q2. सोलर पैनल पर कितनी सब्सिडी मिलती है? केंद्र सरकार 3 kW या बड़े सिस्टम पर अधिकतम ₹78,000 की सब्सिडी देती है। बिहार जैसे राज्यों में राज्य टॉप-अप मिलाकर यह ₹98,000 तक पहुंच जाती है।
Q3. आवेदन कहां और कैसे करें? आधिकारिक नेशनल पोर्टल pmsuryaghar.gov.in पर Registration करें। दिल्ली जैसे राज्यों के अपने पोर्टल भी हैं।
Q4. आवेदन के लिए कौन से दस्तावेज चाहिए? सरकारी ID, पते का प्रमाण, उपभोक्ता नंबर वाला ताजा बिजली बिल, आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर और DBT के लिए बैंक खाते का विवरण।
Q5. क्या बची हुई बिजली बेची जा सकती है? हां, नेट मीटरिंग की सुविधा से आप जरूरत से ज्यादा बनी बिजली ग्रिड को बेच सकते हैं।
Disclaimer
यह जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। सब्सिडी की राशि, पात्रता और आवेदन की अंतिम व आधिकारिक जानकारी के लिए pmsuryaghar.gov.in या अपने राज्य की बिजली वितरण कंपनी से ही पुष्टि करें।

Bhudev Bhagaliya is an experienced and senior journalist who has carved a distinct niche for himself in the world of Hindi journalism through his profound understanding and precise writing style. With over two decades of experience in the field of journalism, he has held key responsibilities at Dainik Hindustan for 12 years and at Amar Ujala for one year. Currently, he serves as the Content Editor for the Jagrook Youth News newspaper and portal, where he plays a crucial role in ensuring the quality and credibility of the news content. Bhudev Bhagaliya consistently writes about issues that help raise awareness within society and among the younger generation.