बीमारी कभी बताकर नहीं आती, और इलाज का खर्च आज के समय में सबसे बड़ा आर्थिक झटका साबित हो सकता है। ऐसे में केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY) करोड़ों परिवारों के लिए वरदान बनी हुई है। इस योजना के तहत पात्र परिवारों को हर साल ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मुफ्त मिलता है। और अब खुशखबरी यह है कि 70 वर्ष से अधिक उम्र के सभी बुजुर्ग — चाहे उनकी आय कितनी भी हो — इस योजना के दायरे में आ चुके हैं। अगर आपके घर में भी दादा-दादी या बुजुर्ग माता-पिता हैं, तो यह आर्टिकल आपके लिए बहुत काम का है।
PM-JAY योजना एक नजर में
आयुष्मान भारत योजना दुनिया की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में से एक मानी जाती है।
- कवर: हर परिवार को सालाना ₹5 लाख तक मुफ्त कैशलेस इलाज
- अस्पताल: सरकारी और योजना से जुड़े (empanelled) प्राइवेट अस्पताल
- बीमारियां: नियमों के अनुसार पहले से मौजूद बीमारियां भी कवर
- पोर्टेबिलिटी: भारत के किसी भी राज्य के जुड़े अस्पताल में इलाज की सुविधा
- प्रीमियम: लाभार्थी को कोई प्रीमियम नहीं देना होता
अगस्त 2026 तक देशभर में 38,466 से ज्यादा अस्पताल इस योजना से जुड़ चुके हैं, यानी इलाज के विकल्प लगातार बढ़ रहे हैं।
70+ बुजुर्गों के लिए Ayushman Vay Vandana: सबसे बड़ा बदलाव
सितंबर 2024 से सरकार ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया — 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के सभी नागरिक आयुष्मान योजना के तहत कवर होंगे, चाहे उनकी आय कुछ भी हो। इसे आयुष्मान वय वंदना कहा जाता है। पहले योजना का लाभ मुख्यतः आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक सीमित था, लेकिन अब उम्र ही एकमात्र मापदंड है।
बुजुर्गों के लिए आधार आधारित e-KYC अनिवार्य है। यानी कार्ड बनवाते समय आधार से सत्यापन कराना होगा। सितंबर 2026 में कई जगहों पर 70+ वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां मौके पर ही मुफ्त आयुष्मान कार्ड बनाए जा रहे हैं। उदाहरण के लिए 25 सितंबर 2026 को बलिया के DM कार्यालय परिसर में लगे शिविर में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक 34 बुजुर्गों की जांच हुई और 10 कार्ड मौके पर ही बना दिए गए — वह भी बिना किसी शुल्क के। शिविर में सिर्फ आधार कार्ड और राशन कार्ड ले जाना था।
Ayushman Card कैसे बनवाएं? 4 आसान तरीके
1. आधिकारिक Ayushman App से
अपने फोन में आधिकारिक आयुष्मान ऐप डाउनलोड करें। इसमें Registration करें, फिर e-KYC की प्रक्रिया पूरी करें। सत्यापन के बाद आपका कार्ड तैयार हो जाएगा।
2. राष्ट्रीय लाभार्थी पोर्टल से Online
सरकारी पोर्टल पर मोबाइल नंबर और OTP से लॉगिन करें। अपना रिकॉर्ड खोजें (search), फिर e-KYC पूरा करके कार्ड डाउनलोड कर लें। यह तरीका घर बैठे सबसे सुविधाजनक है।
3. नजदीकी जुड़े अस्पताल के हेल्प डेस्क से
अपने इलाके के PM-JAY से जुड़े अस्पताल में बने हेल्प डेस्क पर जाएं। वहां के कर्मचारी आपकी पात्रता जांचकर कार्ड बनवाने में मदद करेंगे।
4. CSC (Common Service Centre) से
नजदीकी जन सेवा केंद्र (CSC) पर आधार कार्ड लेकर जाएं। वहां ऑपरेटर आपकी e-KYC करके कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर देगा।
इलाज से पहले ये सावधानियां जरूर बरतें
- इलाज कराने से पहले पुष्टि कर लें कि वह अस्पताल वर्तमान में PM-JAY से जुड़ा (empanelled) है या नहीं
- कार्ड बनवाते समय आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर साथ रखें
- किसी भी दलाल को पैसे न दें — कार्ड बनवाना और योजना का लाभ पूरी तरह निशुल्क है
- आपात स्थिति में टोल-फ्री हेल्पलाइन 14555 पर कॉल करें, या 1800110770 पर मिस्ड कॉल दें
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. आयुष्मान भारत योजना में कितने तक का मुफ्त इलाज मिलता है? पात्र परिवारों को हर साल ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज सरकारी व जुड़े प्राइवेट अस्पतालों में मुफ्त मिलता है।
Q2. क्या 70 साल से ऊपर के सभी बुजुर्गों को लाभ मिलेगा? हां, सितंबर 2024 से 70+ उम्र के सभी नागरिक आय के बावजूद इस योजना में कवर हैं। उनके लिए आधार आधारित e-KYC अनिवार्य है।
Q3. क्या पहले से मौजूद बीमारी का इलाज भी मिलेगा? हां, योजना के नियमों के अनुसार पहले से मौजूद (pre-existing) बीमारियां भी कवर की जाती हैं।
Q4. क्या दूसरे राज्य में इलाज करा सकते हैं? हां, योजना पोर्टेबल है — भारत के किसी भी राज्य के योजना से जुड़े अस्पताल में इलाज कराया जा सकता है।
Q5. कार्ड बनवाने में कोई फीस लगती है? नहीं, आयुष्मान कार्ड बनवाना और इलाज दोनों पूरी तरह निशुल्क हैं। हेल्पलाइन 14555 पर मदद मिल सकती है।
Disclaimer
यह जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। पात्रता, अस्पतालों की सूची और कार्ड से जुड़ी अंतिम व आधिकारिक जानकारी के लिए सरकार के आधिकारिक आयुष्मान पोर्टल/ऐप या टोल-फ्री हेल्पलाइन 14555 से ही पुष्टि करें।

Bhudev Bhagaliya is an experienced and senior journalist who has carved a distinct niche for himself in the world of Hindi journalism through his profound understanding and precise writing style. With over two decades of experience in the field of journalism, he has held key responsibilities at Dainik Hindustan for 12 years and at Amar Ujala for one year. Currently, he serves as the Content Editor for the Jagrook Youth News newspaper and portal, where he plays a crucial role in ensuring the quality and credibility of the news content. Bhudev Bhagaliya consistently writes about issues that help raise awareness within society and among the younger generation.