मोदी के 25 साल पर कैबिनेट का स्टैंडिंग ओवेशन! प्रस्ताव में GST से ऑपरेशन सिंदूर तक, जानिए क्या-क्या दर्ज हुआ

देश की राजनीति में एक ऐतिहासिक पल! केंद्रीय मंत्रिमंडल ने मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को एक प्रस्ताव पारित कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सरकार के मुखिया के रूप में लगातार 25 साल पूरे करने पर बधाई दी। बैठक में सभी कैबिनेट सहयोगियों ने खड़े होकर तालियां बजाईं — मोदी को मिला स्टैंडिंग ओवेशन। यह प्रस्ताव 7 अक्टूबर 2001 से 7 अक्टूबर 2026 तक के उनके 25 साल के निर्बाध जनसेवा सफर को चिन्हित करता है।

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7 अक्टूबर 2001 से शुरू हुआ सफर

सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बैठक के बाद पत्रकारों को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह प्रस्ताव मोदी के पूरे सार्वजनिक जीवन को समेटता है — 7 अक्टूबर 2001 को गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने से लेकर प्रधानमंत्री के तौर पर 2026 तक की यात्रा। प्रस्ताव में कहा गया कि जनता का मोदी पर भरोसा लगातार बना हुआ है और कैबिनेट ने उनके शासन के रिकॉर्ड के साथ-साथ जन-विश्वास को भी मान्यता दी।

प्रस्ताव में किन उपलब्धियों का जिक्र?

प्रस्ताव में “राजनीतिक जोखिम के बावजूद सुधार” की भावना पर जोर दिया गया — खासकर GST और अन्य बड़े फैसलों का उल्लेख है। जनधन, आधार, मोबाइल कनेक्टिविटी और UPI के जरिए कल्याणकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन, घर-घर पानी, बैंकिंग और स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच का जिक्र किया गया। प्रस्ताव के अनुसार 25 मिलियन से अधिक लोग गरीबी से बाहर निकले। इसके अलावा भारत की अपनी COVID वैक्सीन का विकास और चांद्रयान-3 की चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफल लैंडिंग को आत्मनिर्भर भारत की वैज्ञानिक क्षमता का प्रमाण बताया गया।

राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति की झलक

राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रस्ताव में 2016 के सर्जिकल स्ट्राइक, 2019 के बालाकोट हवाई हमले और 2025 के ऑपरेशन सिंदूर को मोदी द्वारा तय की गई “रेड लाइन” के उदाहरण के रूप में दर्ज किया गया। अनुच्छेद 370 पर फैसले, वन रैंक वन पेंशन और चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ के पद के सृजन का भी स्वागत किया गया। विदेश नीति में G20 और BRICS की सहमति, ग्लोबल साउथ की पैरवी, G20 में अफ्रीकी संघ की सदस्यता, वैक्सीन मैत्री और 36 देशों से मिले सम्मानों का उल्लेख है। काशी विश्वनाथ धाम और रामलला के समर्पण के साथ 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को दोहराया गया।

विकसित भारत 2047 का संकल्प

कैबिनेट का यह प्रस्ताव सिर्फ बधाई नहीं, बल्कि आगे की दिशा भी तय करता है। प्रस्ताव में कहा गया कि मोदी की तकनीक पर आस्था जनधन-आधार से लेकर AI, क्वांटम तकनीक और जैव-प्रौद्योगिकी तक दिखती है। गुजरात से शुरू हुई पहलें अब राष्ट्रीय मंच पर हैं — और कैबिनेट का संदेश साफ है: “समृद्ध, आत्मनिर्भर और विकसित भारत 2047” के लक्ष्य की ओर सभी को मिलकर प्रयास करना है।