गिग वर्कर्स सामाजिक सुरक्षा बोर्ड गठित: डिलीवरी एजेंट, कैब ड्राइवर और असंगठित कामगारों के लिए बड़ी खुशखबरी

देश के करोड़ों असंगठित और गिग वर्करों के लिए बड़ी खुशखबरी है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने 30 अक्टूबर 2026 को असंगठित कामगारों और गिग एवं प्लेटफॉर्म वर्करों के लिए राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा बोर्डों के गठन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह फैसला Code on Social Security, 2020 के तहत लिया गया है, जो गिग और प्लेटफॉर्म वर्करों को परिभाषित करने वाला भारत का पहला कानून है।

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कौन-कौन आएगा दायरे में

इन बोर्डों के दायरे में डिलीवरी एजेंट, कैब ड्राइवर, घरेलू सेवा देने वाले कामगार, फ्रीलांसर और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए काम करने वाले सभी वर्कर आएंगे। गिग वर्कर वह व्यक्ति होता है जो किसी निश्चित स्थायी नियोक्ता के बजाय काम या टास्क के आधार पर कमाई करता है। चारों श्रम संहिताएं (Labour Codes) 21 नवंबर 2025 को लागू हो चुकी हैं और 8 मई 2026 को सामाजिक सुरक्षा (केंद्रीय) नियम भी अधिसूचित किए गए थे।

बोर्ड की संरचना और काम

सरकारी अधिसूचना (PIB Release ID 2330299) के अनुसार, केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री बोर्ड के अध्यक्ष होंगे और श्रम सचिव उपाध्यक्ष की भूमिका निभाएंगे। बोर्ड में केंद्र और राज्य सरकारों के प्रतिनिधियों के साथ एग्रीगेटर कंपनियां, नियोक्ता, नागरिक समाज संगठन, ट्रेड यूनियन और गिग व प्लेटफॉर्म वर्करों के संगठन शामिल होंगे। बोर्ड को साल में कम से कम तीन बार बैठक करनी होगी।

क्या-क्या योजनाएं मिल सकती हैं

बोर्ड का मुख्य काम विभिन्न श्रेणियों के कामगारों के लिए उपयुक्त कल्याण योजनाओं की सिफारिश करना और केंद्र सरकार की मौजूदा योजनाओं की निगरानी करना होगा। Code on Social Security में जीवन और दिव्यांगता सुरक्षा, दुर्घटना बीमा, स्वास्थ्य लाभ, मातृत्व लाभ, वृद्धावस्था सुरक्षा और क्रेच सुविधाओं जैसे प्रावधान शामिल हैं। हालांकि बोर्ड सीधे पैसा नहीं देगा — यह योजनाओं की सिफारिश और निगरानी करने वाली संवैधानिक संस्था होगी, जबकि वास्तविक लाभ, पात्रता और आवेदन प्रक्रिया संबंधित योजनाओं की अधिसूचनाओं पर निर्भर करेगी।

एग्रीगेटर कंपनियों की जिम्मेदारी

कोड में एग्रीगेटरों (फूड डिलीवरी, राइड-हेलिंग जैसे प्लेटफॉर्म) से वार्षिक टर्नओवर का 1 से 2 प्रतिशत योगदान का प्रावधान भी है, हालांकि इस संग्रह के विशिष्ट नियम अभी लंबित हैं। बताया जा रहा है कि इस समय देश में लगभग 1.2 करोड़ गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर काम कर रहे हैं।

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