किसानों के लिए बड़ी खबर! 3 अक्टूबर से शुरू होगा भावांतर योजना का पंजीयन, जानें पूरी प्रक्रिया

मध्य प्रदेश के सोयाबीन किसानों के लिए राहत की खबर है! भावांतर योजना के तहत खरीफ वर्ष 2026 (विपणन वर्ष 2026-27) में सोयाबीन फसल के किसानों का पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू हो रहा है। अगर आप भी सोयाबीन की खेती करते हैं, तो तय समय सीमा के भीतर अपना रजिस्ट्रेशन जरूर करा लें।

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क्या है भावांतर योजना?

इस योजना के तहत किसानों को उनकी उपज के बाजार भाव और समर्थन मूल्य के अंतर की भरपाई सरकार करती है। यानी अगर सोयाबीन का बाजार भाव तय समर्थन मूल्य से कम रहता है, तो सरकार उस अंतर की राशि सीधे किसानों के खातों में भेजती है।

कहां-कहां करा सकते हैं पंजीयन?

सोयाबीन किसानों के लिए मुफ्त पंजीयन के कई विकल्प उपलब्ध हैं:

केंद्रविवरण
ग्राम पंचायतसुविधा केंद्र पर मुफ्त रजिस्ट्रेशन
जनपद पंचायतसुविधा केंद्र
तहसील कार्यालयपंजीयन केंद्र
सहकारी समितियांसंचालित पंजीयन केंद्र

जरूरी दस्तावेज

पंजीयन के लिए किसानों को अपने आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण, खसरा-खतौनी (भूमि रिकॉर्ड) और फसल से जुड़ी जानकारी तैयार रखनी चाहिए। भूमि रिकॉर्ड अपडेट न होने पर पंजीयन में दिक्कत आ सकती है।

बता दें कि सरकार विभिन्न योजनाओं के तहत करोड़ों किसानों की मदद कर रही है, और भावांतर योजना MP के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए सबसे अहम योजनाओं में से एक है। समय पर पंजीयन कराना न भूलें — डेडलाइन निकलने के बाद लाभ नहीं मिलेगा।