सब-हेडलाइन: हार्दिक पंड्या की कप्तानी में टीम के संघर्ष के बीच फैंस को सता रही है ‘कैप्टन’ रोहित की याद। 5 आईपीएल ट्रॉफी और 55% विनिंग रिकॉर्ड साबित करता है कि क्यों रोहित शर्मा के बिना अधूरी है मुंबई की लीडरशिप।
मुंबई: आईपीएल 2026 (IPL 2026) का रोमांच अपने चरम पर है, लेकिन 5 बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस (MI) के फैंस के मन में आज भी एक ही टीस है— “काश! रोहित शर्मा आज भी टीम के कप्तान होते।” मौजूदा कप्तान हार्दिक पंड्या के नेतृत्व में मुंबई इंडियंस भले ही मैदान पर पसीना बहा रही है, लेकिन टीम के प्रदर्शन में वह ‘किलर इंस्टिंक्ट’ नदारद है, जो रोहित शर्मा की कप्तानी का ट्रेडमार्क हुआ करता था।
क्रिकेट के दिग्गज और खेल पंडितों का भी मानना है कि यदि इस सीजन में रोहित शर्मा कमान संभाल रहे होते, तो मुंबई इंडियंस आज पॉइंट्स टेबल (Points Table) में संघर्ष करने के बजाय शान से नंबर-1 की कुर्सी पर विराजमान होती। आइए, कप्तानी के आंकड़ों और टीम मैनेजमेंट की तुलना से समझते हैं कि आखिर रोहित शर्मा क्यों सबसे बड़े ‘मास्टरमाइंड’ हैं।
कप्तानी के आंकड़े: रोहित का ‘गोल्डन एरा’ बनाम मौजूदा संघर्ष
मुंबई इंडियंस की सफलता का दूसरा नाम रोहित शर्मा रहा है। 2013 में कप्तानी संभालने के बाद से उन्होंने टीम की किस्मत ही बदल दी थी।
- रोहित शर्मा का विराट रिकॉर्ड: रोहित ने आईपीएल में 158 मैचों में मुंबई की कप्तानी की है, जिसमें से टीम ने 87 मैच जीते हैं। उनका विनिंग परसेंटेज (Winning Percentage) लगभग 55.06% रहा है। उनकी कप्तानी में MI ने 2013, 2015, 2017, 2019 और 2020 में खिताब पर कब्जा जमाया।
- हार्दिक का संघर्ष: दूसरी ओर, जब से हार्दिक पंड्या ने मुंबई की कमान संभाली है (2024 से), टीम का विनिंग परसेंटेज गिरकर 40-45% के आसपास आ गया है। गुजरात टाइटंस के लिए सफल रहने वाले हार्दिक, मुंबई के भारी-भरकम दबाव और ड्रेसिंग रूम के माहौल को उस तरह से नहीं संभाल पा रहे हैं, जैसे रोहित संभाला करते थे।
गेंदबाजों का रोटेशन और फील्ड प्लेसमेंट (Tactical Masterclass)
रोहित शर्मा की सबसे बड़ी ताकत मुश्किल वक्त में उनका शांत दिमाग (Cool Temperament) और गेंदबाजों का सटीक इस्तेमाल रहा है।
- बुमराह का सही उपयोग: रोहित जानते थे कि जसप्रीत बुमराह को पावरप्ले में कब लाना है और डेथ ओवर्स के लिए उनके कितने ओवर बचाकर रखने हैं। वर्तमान में कई बार बुमराह का इस्तेमाल उन स्थितियों में हो रहा है, जहां से विपक्षी टीम आसानी से मैच निकाल ले जाती है।
- दबाव सोखने की क्षमता: रोहित शर्मा के पास ‘कप्तानी का विजन’ है। जब विपक्षी टीम हावी होती है, तो रोहित अजीबोगरीब फील्ड प्लेसमेंट और अप्रत्याशित गेंदबाजी बदलावों से मैच पलटने का माद्दा रखते हैं, जिसकी कमी मौजूदा सीजन में साफ खल रही है।
बल्लेबाज के तौर पर रोहित का 200 का स्ट्राइक रेट
इस सीजन में रोहित शर्मा भले ही सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर खेल रहे हैं और पहले ही मैच में 200 के स्ट्राइक रेट से तबाही मचा चुके हैं। लेकिन सोचिए, अगर इसी फॉर्म के साथ उनके हाथों में टीम की कमान भी होती, तो सामने वाली टीमों के लिए यह कितना घातक साबित होता। एक सफल कप्तान के तौर पर जब रोहित रन बनाते हैं, तो पूरी टीम का मनोबल सातवें आसमान पर होता है।
निष्कर्ष: आंकड़े और मैदान का मौजूदा हालात चीख-चीख कर कह रहे हैं कि मुंबई इंडियंस की आत्मा रोहित शर्मा में बसती है। अगर फ्रेंचाइजी ने 2026 के इस सीजन में उन्हें कप्तान बरकरार रखा होता, तो टीम के अंदर की गुटबाजी खत्म होती, खिलाड़ी एक यूनिट की तरह खेलते और मुंबई आज निर्विवाद रूप से पॉइंट्स टेबल की ‘नंबर-1’ टीम होती।

Bhudev Bhagaliya is an experienced and senior journalist who has carved a distinct niche for himself in the world of Hindi journalism through his profound understanding and precise writing style. With over two decades of experience in the field of journalism, he has held key responsibilities at Dainik Hindustan for 12 years and at Amar Ujala for one year. Currently, he serves as the Content Editor for the Jagrook Youth News newspaper and portal, where he plays a crucial role in ensuring the quality and credibility of the news content. Bhudev Bhagaliya consistently writes about issues that help raise awareness within society and among the younger generation.