GOBARdhan Yojana: ₹23,731 करोड़ की योजना से बायोगैस उत्पादन होगा 10 गुना, किसानों और सहकारी समितियों को मिलेगा मौका

केंद्र सरकार ने कंप्रेस्ड बायोगैस (CBG) क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए GOBARdhan योजना शुरू की है। केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने 1 अक्टूबर 2026 को इस योजना का शुभारंभ किया। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 6 अगस्त 2026 को ही इस योजना को मंजूरी दी थी, जिसके लिए कुल ₹23,731 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक, यानी 10 वर्षों के लिए लागू रहेगी।

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GOBARdhan Yojana का लक्ष्य क्या है

इस योजना का लक्ष्य देश में कंप्रेस्ड बायोगैस का उत्पादन करीब 10 गुना बढ़ाकर लगभग 5 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्रतिदिन (MMSCMD) तक पहुंचाना है। अभी तक देश में अगस्त 2026 तक 217 से अधिक सीबीजी संयंत्र चालू हो चुके थे, जिनकी कुल क्षमता 1,700 टन प्रतिदिन से अधिक बताई गई है। सरकार का मानना है कि एकीकृत फ्रेमवर्क से निवेशकों और बैंकों को भरोसा मिलेगा, जिससे नए संयंत्र लगाना आसान होगा।

किसानों और सहकारी समितियों को क्या लाभ

यह योजना सीधे घर-घर नकद राशि देने वाली योजना नहीं है, बल्कि उत्पादन और रोजगार से जुड़ी योजना है। फसल अवशेष, पशुओं का गोबर और अन्य जैविक कचरा सीबीजी संयंत्रों का कच्चा माल बनेगा। इससे किसानों, सहकारी समितियों, गौशालाओं और स्थानीय उद्यमों को कचरा संग्रह, परिवहन और प्रसंस्करण के हर चरण में भागीदारी का अवसर मिलेगा। इस प्रक्रिया से जैविक खाद भी मिलेगी, जो खेती के काम आएगी। सरकार इसे ‘वेस्ट टू वेल्थ’ और ‘अन्नदाता से ऊर्जादाता’ की सोच से जोड़कर देख रही है।

Eligibility और सहायता का ढांचा

योजना के तहत नए (ग्रीनफील्ड) सीबीजी प्रोजेक्ट को स्थापित क्षमता के लिए प्रति टन प्रतिदिन (TPD) अधिकतम ₹2 करोड़ तक की पूंजी सहायता मिल सकेगी। पात्र एमएसएमई प्रोजेक्ट के लिए डिफॉल्ट की स्थिति में बकाया राशि का 85 प्रतिशत तक क्रेडिट गारंटी कवर दिया जाएगा। सीबीजी की सरकारी प्रशासित कीमत ₹2,110 प्रति एमएमबीटीयू तय की गई है। साथ ही सिटी गैस कंपनियों के लिए सीबीजी खरीद की अनिवार्यता वित्त वर्ष 2026-27 में 3 प्रतिशत, 2027-28 में 4 प्रतिशत और 2028-29 से 5 प्रतिशत रखी गई है।

Apply कैसे करें

सरकार ने योजना के साथ GOBARdhan हैंडबुक और एकीकृत डिजिटल पोर्टल भी जारी किया है, ताकि आवेदन एक ही जगह से हो सकें और पारदर्शिता बनी रहे। इच्छुक किसान, सहकारी समिति या उद्यमी को आवेदन से पहले पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति और पोर्टल पर दिए गए पात्रता नियम जरूर देखने चाहिए, क्योंकि अलग-अलग घटक के नियम अलग हो सकते हैं। किसी बिचौलिए को शुल्क देने से पहले आधिकारिक सूचना की पुष्टि करना जरूरी है। अन्य सरकारी योजनाओं की तरह ही लाभ लेने से पहले पात्रता की जांच करें, जैसे गुजरात में पीएम सूर्य घर योजना की अतिरिक्त सब्सिडी और 70 वर्ष से अधिक उम्र के बुजुर्गों के लिए आयुष्मान वय वंदना कार्ड के बारे में भी पाठक जानकारी ले सकते हैं।