आयुर्वेद की पढ़ाई कर रहे छात्रों के लिए केंद्र सरकार ने एक शानदार अवसर दिया है। 14 अक्टूबर 2026 को भारतीय चिकित्सा पद्धति राष्ट्रीय आयोग (NCISM) की अध्यक्ष प्रो. मनीषा कोठेकर ने केंद्रीय आयुर्वेदिक विज्ञान शोध परिषद (CCRAS) के SPARK 5.0 कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह ‘स्टूडेंटशिप प्रोग्राम फॉर आयुर्वेद रिसर्च केन’ का पांचवां संस्करण है, जो शैक्षणिक वर्ष 2026-27 के लिए लागू होगा।
इस कार्यक्रम के तहत देशभर के 300 BAMS छात्रों को स्वतंत्र शोध प्रोजेक्ट के लिए ₹50,000 की स्कॉलरशिप मिलेगी। इसका मकसद स्नातक स्तर के छात्रों को शोध पद्धति और तकनीक से जोड़ना है, ताकि उनमें शुरू से ही शोध में रुचि और विश्लेषण की क्षमता विकसित हो। छात्र वैज्ञानिक परिकल्पना बनाना, संस्थागत आचार समिति की समीक्षा से गुजरना और मापने योग्य नैदानिक परिणामों पर काम करना सीखेंगे।
पात्रता
SPARK 5.0 के लिए केवल वही BAMS छात्र आवेदन कर सकते हैं जो NCISM या भारत सरकार से मान्यता प्राप्त कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में तीसरे, चौथे या प्रोफेशनल वर्ष में पढ़ रहे हैं। पहले और दूसरे वर्ष के BAMS छात्रों तथा आयुर्वेद के अलावा अन्य चिकित्सा पद्धतियों के छात्रों पर यह छात्रवृत्ति लागू नहीं होती। चयनित छात्रों को शोध के लिए गाइड और संस्थान की ओर से सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
सीसीआरएएस के महानिदेशक प्रो. (वैद्य) रबिनारायण आचार्य के अनुसार, छात्रों को प्रशिक्षण के शुरुआती दौर में ही औपचारिक शोध डिजाइन से जोड़ने से मरीजों की देखभाल का नजरिया बदलता है। युवा चिकित्सक जब व्यवस्थित मापदंडों को समझते हैं, अवलोकन पूर्वाग्रह को नियंत्रित करना सीखते हैं और साक्ष्य-आधारित मान्यकरण को अपनाते हैं, तो आयुर्वेद की वैज्ञानिक स्वीकार्यता भी बढ़ती है। SPARK कार्यक्रम के पिछले संस्करणों में भी सैकड़ों छात्रों ने भाग लिया था और कई शोध पत्र प्रतिष्ठित पत्रिकाओं में प्रकाशित हुए थे। पांचवें संस्करण में सीटों की संख्या बढ़ाकर 300 की गई है, जो आयुर्वेद शोध के प्रति बढ़ती गंभीरता को दर्शाता है।
आवेदन प्रक्रिया
आवेदन पूरी तरह ऑनलाइन होगा। 15 अक्टूबर 2026 से रजिस्ट्रेशन शुरू हो रहा है और इच्छुक छात्र SPARK पोर्टल के माध्यम से अपना शोध प्रस्ताव जमा कर सकते हैं। प्रस्तावों का मूल्यांकन प्रख्यात विशेषज्ञों और समीक्षकों द्वारा किया जाएगा। चयनित छात्रों को शोध पूरा होने और अंतिम रिपोर्ट के अनुमोदन के बाद ₹50,000 (₹25,000 प्रतिमाह, दो माह) का स्टाइपेंड दिया जाएगा। सफलतापूर्वक प्रोजेक्ट पूरा करने पर प्रमाणपत्र भी जारी होगा। आवेदन की अंतिम तिथि 15 नवंबर 2026 है, इसलिए इच्छुक छात्र अंतिम दिनों का इंतजार न करें। युवाओं के कौशल विकास से जुड़ी दक्षता विकास योजना की तरह यह भी युवाओं के भविष्य से जुड़ी महत्वपूर्ण पहल है।
महत्वपूर्ण तिथियां
शुभारंभ: 14 अक्टूबर 2026; रजिस्ट्रेशन शुरू: 15 अक्टूबर 2026; प्रस्ताव जमा की अंतिम तिथि: 15 नवंबर 2026। इसी कार्यक्रम में आयुरशोध 2026 पुरस्कारों की भी घोषणा हुई, जिसमें तीन श्रेणियां हैं — प्रबोध (तीन मिनट की थीसिस प्रस्तुति), प्रकाश (समीक्षित शोध प्रकाशन) और नवोन्मेष (नवाचारी प्रोटोटाइप)। पुरस्कार राशि धूतपापेश्वर लिमिटेड द्वारा प्रायोजित है और सम्मान समारोह 11 दिसंबर 2026 को होगा। छात्राओं के लिए चल रही कन्या सुमंगला योजना की जानकारी भी यहां उपलब्ध है।

Bhudev Bhagaliya is an experienced and senior journalist who has carved a distinct niche for himself in the world of Hindi journalism through his profound understanding and precise writing style. With over two decades of experience in the field of journalism, he has held key responsibilities at Dainik Hindustan for 12 years and at Amar Ujala for one year. Currently, he serves as the Content Editor for the Jagrook Youth News newspaper and portal, where he plays a crucial role in ensuring the quality and credibility of the news content. Bhudev Bhagaliya consistently writes about issues that help raise awareness within society and among the younger generation.