नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चल रही बॉर्डर-गावस्कर सीरीज में टीम इंडिया की बल्लेबाजी लगातार लड़खड़ा रही है। पर्थ में पहला टेस्ट हारने के बाद एडिलेड डे-नाइट टेस्ट में भी भारतीय बल्लेबाज दिन की रोशनी में ही ढेर हो गए। 175 रन के मामूली टारगेट का पीछा करते हुए पूरी टीम महज 175 रन पर सिमट गई। अब हर कोई यही सवाल पूछ रहा है – आखिर विराट कोहली और रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में टीम इतनी कमजोर क्यों दिख रही है?
अनिल कुंबले ने खोला बड़ा राज
भारत के दिग्गज लेग-स्पिनर और पूर्व कोच अनिल कुंबले ने इस हार के बाद साफ-साफ बात कह दी। उन्होंने बताया कि पिछले कुछ सालों में भारतीय टीम में बहुत बड़े बदलाव हुए हैं। कई सीनियर खिलाड़ी रिटायर हो चुके हैं, कुछ खिलाड़ी टीम से बाहर हो गए हैं और कुछ नए चेहरे आए हैं। इसका सबसे बड़ा असर बैटिंग ऑर्डर पर पड़ा है।
कुंबले ने कहा, “टीम में काफी बदलाव हुए हैं। बड़े-बड़े खिलाड़ी रिटायर हो गए, कुछ बाहर चले गए। नया बैटिंग ऑर्डर बना है और अभी उसे एकजुट होने में वक्त लगेगा। जब तक खिलाड़ी एक-दूसरे के साथ ज्यादा मैच नहीं खेलते, तब तक वो समझ नहीं पाते कि पार्टनरशिप कैसे बनानी है। अभी टीम में वो स्थिरता नहीं दिख रही जो पहले हुआ करती थी।”
नए खिलाड़ियों पर दबाव, पुरानी जोड़ी की कमी
जब रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी बल्लेबाज साथ खेलते थे तो दूसरों पर दबाव कम रहता था। अब केएल राहुल, यशस्वी जायसवाल, शुबमन गिल और ऋषभ पंत जैसे युवा बल्लेबाजों पर अचानक जिम्मेदारी बढ़ गई है। पर्थ और एडिलेड में यही देखने को मिला – कोई बड़ा स्कोर नहीं बना, कोई बड़ी साझेदारी नहीं हुई।
कुंबले ने आगे कहा, “जब आपका बैटिंग ऑर्डर बार-बार बदलता है तो बल्लेबाजों को अपनी पोजीशन पक्की करने में दिक्कत होती है। कोई ओपनिंग कर रहा है, कोई नंबर-3 पर, कोई मिडिल ऑर्डर में। ऐसे में आत्मविश्वास बनने में समय लगता है।”
ऑस्ट्रेलियाई सरजमीं पर पुराना रिकॉर्ड भी डराने लगा
भारत ने पिछले दो ऑस्ट्रेलिया दौरे (2018-19 और 2020-21) जीते थे, लेकिन उस वक्त कोहली, रहाणे, पुजारा, रोहित जैसे खिलाड़ी पीक पर थे। अब उनमें से ज्यादातर या तो नहीं खेल रहे या फॉर्म में नहीं हैं। नतीजा साफ दिख रहा है – बल्लेबाजी एकदम बिखरी हुई लग रही है।
अब आगे क्या?
कुंबले का मानना है कि युवाओं को लगातार मौके देने होंगे और थोड़ा धैर्य रखना होगा। उन्होंने कहा, “ये ट्रांजिशन पीरियड है। कुछ मैच हार भी सकते हैं, लेकिन अगर यही टीम साथ खेलेगी तो जल्द ही मजबूत बनेगी। अभी सिर्फ एक-दो खिलाड़ियों पर निर्भरता नहीं होनी चाहिए।”
फिलहाल टीम इंडिया ब्रिस्बेन टेस्ट की तैयारी कर रही है। देखना ये है कि क्या नए बल्लेबाज कुंबले की बात को गंभीरता से लेते हैं या ऑस्ट्रेलिया सीरीज पहले ही हाथ से फिसल जाएगी।
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भूदेव भगलिया एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में अपनी गहरी पकड़ और सटीक लेखन शैली से अलग पहचान बनाई है। पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक अनुभव के साथ, भूदेव जी ने दैनिक हिंदुस्तान में 12 वर्षों तक और अमर उजाला में एक वर्ष तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वर्तमान में वे जागरूक यूथ न्यूज़ अखबार एवं पोर्टल में कंटेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं, जहाँ वे न्यूज़ कंटेंट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भूदेव भगलिया हमेशा उन मुद्दों पर कलम उठाते हैं जो समाज और युवा पीढ़ी को जागरूक करने में सहायक हों।
