Agra Ration Card : 50 हजार लोगों का राशन बंद,अपात्रों के कार्ड भी निरस्त; जानें नई गाइडलाइन: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले में राशन कार्ड धारकों के लिए बड़ी और झकझोर देने वाली खबर है। जिला प्रशासन ने करीब 50 हजार लाभार्थियों को मुफ्त राशन की सूची से बाहर कर दिया है। ये वे लोग हैं जिन्होंने बार-बार चेतावनी के बावजूद अपनी ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी नहीं की या फिर जांच में अपात्र पाए गए हैं। अब इन परिवारों को हर माह मिलने वाले सरकारी अनाज का लाभ नहीं मिल सकेगा।
एक साल का मिला समय, फिर भी नहीं दिखाई रुचि
खाद्य विभाग पिछले एक साल से ई-केवाईसी कराने के लिए अभियान चला रहा था।
- दी गई थी विशेष सुविधा: प्रशासन ने यह भी सुविधा दी थी कि यदि कोई व्यक्ति शहर से बाहर रह रहा है, तो वह वहीं की किसी भी राशन दुकान पर जाकर केवाईसी करा सकता है।
- मृतक और लापता: 50 हजार की इस सूची में ऐसे लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हैं जिनकी या तो मृत्यु हो चुकी है या फिर जिनकी पहचान सुनिश्चित नहीं हो पा रही है।
अपात्रों पर चला सरकार का ‘हंटर’
भारत सरकार ने आयकरदाताओं, अधिक भूमि वाले किसानों, चार पहिया वाहन स्वामियों और संपन्न लोगों की एक सूची जारी की थी।
- सत्यापन में खुलासा: आगरा जिला प्रशासन ने इस सूची के आधार पर घर-घर सत्यापन कराया।
- कार्ड निरस्त: जांच में जो लोग संपन्न पाए गए और अवैध रूप से गरीब का राशन ले रहे थे, उनके राशन कार्ड तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए हैं।
जनवरी माह से ही बंद हो जाएगा राशन
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि जनवरी 2026 से इन 50 हजार लोगों को राशन का वितरण नहीं किया जाएगा। जिला खाद्य अधिकारी आनंद कुमार ने बताया कि जिन लोगों ने एक साल के भीतर भी केवाईसी नहीं कराई, उन्हें अब लाभ नहीं दिया जाएगा। इनमें अपात्र और मृत लोग भी शामिल हैं जिन्हें चिन्हित कर लिया गया है।
किन्हें नहीं मिलेगा राशन? (चेक लिस्ट)
| श्रेणी | कारण |
| ई-केवाईसी (e-KYC) | जिन्होंने 1 साल में प्रक्रिया पूरी नहीं की |
| आयकरदाता | जो इनकम टैक्स भरते हैं |
| संपन्न परिवार | जिनके पास चार पहिया वाहन या अधिक कृषि भूमि है |
| मृतक लाभार्थी | जिनकी मृत्यु हो चुकी है पर नाम सूची में दर्ज है |
| बाहर रहने वाले | जिनकी पहचान सत्यापित नहीं हो सकी |

भूदेव भगलिया एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में अपनी गहरी पकड़ और सटीक लेखन शैली से अलग पहचान बनाई है। पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक अनुभव के साथ, भूदेव जी ने दैनिक हिंदुस्तान में 12 वर्षों तक और अमर उजाला में एक वर्ष तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वर्तमान में वे जागरूक यूथ न्यूज़ अखबार एवं पोर्टल में कंटेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं, जहाँ वे न्यूज़ कंटेंट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भूदेव भगलिया हमेशा उन मुद्दों पर कलम उठाते हैं जो समाज और युवा पीढ़ी को जागरूक करने में सहायक हों।
