Video-“Bijnor” बिजनौर के मंदिर में हनुमान जी की परिक्रमा कर रहा कुत्ता, 36 घंटे से नहीं खाया अन्न का दाना!

​मयंक त्रिगुण, ब्यूरो चीफ 

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Bijnor : बिजनौर के मंदिर में हनुमान जी की परिक्रमा कर रहा कुत्ता, 36 घंटे से नहीं खाया अन्न का दाना!”बिजनौर, उत्तर प्रदेश: भारत में आस्था और विश्वास की जड़ें बहुत गहरी हैं। कभी-कभी ऐसी घटनाएं सामने आती हैं जो विज्ञान की समझ से परे होती हैं और लोगों को सोचने पर मजबूर कर देती हैं। ऐसी ही एक हैरान कर देने वाली खबर उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले से आई है, जहां एक बेजुबान कुत्ते की भक्ति देखकर हर कोई दंग है।

36 घंटे से लगातार परिक्रमा

मामला बिजनौर के नगीना तहसील क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव नंदपुर खुर्द का है। यहां के एक मंदिर परिसर में पिछले कई घंटों से एक कुत्ता आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, यह कुत्ता पिछले 36 घंटों से बिना खाए-पिये लगातार भगवान हनुमान जी की प्रतिमा की ‘फेरी’ (परिक्रमा) लगा रहा था।

हैरानी की बात यह है कि हनुमान जी की परिक्रमा पूरी करने के बाद, अब वह कुत्ता मंदिर परिसर में ही स्थित मां दुर्गा की प्रतिमा की परिक्रमा करने लगा है। कुत्ते के चेहरे पर न थकान है और न ही वह किसी के भगाने से वहां से हट रहा है।

भक्तों का लगा तांता, बना आस्था का केंद्र

जैसे ही यह खबर आसपास के गांवों में फैली, मंदिर में लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। लोग दूर-दूर से इस ‘भक्त कुत्ते’ को देखने आ रहे हैं। ग्रामीण इसे कोई साधारण घटना नहीं, बल्कि एक ईश्वरीय चमत्कार मान रहे हैं। मंदिर प्रांतीय क्षेत्र अब पूरी तरह से आस्था के केंद्र में तब्दील हो चुका है।

वहां मौजूद श्रद्धालुओं का कहना है कि उन्होंने आज तक ऐसा दृश्य नहीं देखा। आमतौर पर जानवर खाने की तलाश में या डर के मारे इधर-उधर भागते हैं, लेकिन इस कुत्ते का शांत भाव से लगातार परिक्रमा करना किसी दैवीय शक्ति का संकेत प्रतीत होता है।

“यह कुत्ता न कुछ खा रहा है और न पानी पी रहा है। इसकी एकाग्रता देखकर लगता है कि यह किसी गहरी भक्ति में लीन है।” — एक स्थानीय ग्रामीण

 सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तस्वीरें

इस घटना की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। #Bijnor और #ViralNews जैसे हैशटैग के साथ लोग इस घटना को साझा कर रहे हैं। कई लोग इसे पशुओं और ईश्वर के बीच के अनूठे संबंध के रूप में देख रहे हैं, तो कुछ इसे कलयुग में भक्ति की एक अनूठी मिसाल बता रहे हैं।

क्या कहता है विज्ञान और तर्क?

हालांकि श्रद्धालु इसे चमत्कार मान रहे हैं, लेकिन पशु विशेषज्ञों का मानना है कि कई बार जानवरों में कुछ खास तरह के व्यवहार संबंधी बदलाव देखे जाते हैं। हालांकि, बिना भोजन और पानी के 36 घंटे से अधिक समय तक एक ही लय में चलना वाकई में दुर्लभ और शोध का विषय हो सकता है।

नंदपुर खुर्द बना चर्चा का विषय

इस घटना ने छोटे से गांव नंदपुर खुर्द को सुर्खियों में ला दिया है। मंदिर में भजन-कीर्तन शुरू हो गए हैं और लोग इस कुत्ते को ‘हनुमान भक्त’ कहकर पुकार रहे हैं। फिलहाल, यह कुत्ता अभी भी मंदिर परिसर में मौजूद है और उसकी आस्था की यह ‘फेरी’ जारी है।

यह घटना हमें याद दिलाती है कि श्रद्धा और विश्वास के संसार में तर्क कभी-कभी पीछे छूट जाते हैं और केवल भावनाएं ही शेष रह जाती हैं।