Rohit Sharma 50+ scores list-राजकोट। भारत और न्यूजीलैंड के बीच जारी हाई-वोल्टेज वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला 14 जनवरी को राजकोट के सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम में खेला जाना है। टीम इंडिया के लिए यह मैच सीरीज में बढ़त बनाने का मौका तो है ही, लेकिन कप्तान रोहित शर्मा के लिए यह दिन व्यक्तिगत उपलब्धियों के उस शिखर को छूने जैसा है, जहाँ भारतीय क्रिकेट के दो दिग्गज—राहुल द्रविड़ और सौरव गांगुली—पहले से ही विराजमान हैं।
द वॉल बनाम हिटमैन: 50+ पारियों का वह जादुई आंकड़ा
क्रिकेट के मैदान पर राहुल द्रविड़ को उनकी अटूट एकाग्रता और ‘द वॉल’ की उपाधि के लिए जाना जाता है, जबकि रोहित शर्मा अपनी आक्रामक शैली के लिए मशहूर हैं। लेकिन राजकोट में ये दोनों विपरीत ध्रुव एक विशेष रिकॉर्ड पर आकर मिल सकते हैं। रोहित शर्मा ने अब तक वनडे क्रिकेट में 94 बार 50 से अधिक रनों की पारियां खेली हैं।
फिलहाल वह इस सूची में सौरव गांगुली के साथ बराबरी पर खड़े हैं। अगर राजकोट में रोहित के बल्ले से एक और अर्धशतक निकलता है, तो वह राहुल द्रविड़ की 95 ऐसी पारियों के रिकॉर्ड की बराबरी कर लेंगे। यह आंकड़ा दर्शाता है कि रोहित न केवल विस्फोटक हैं, बल्कि द्रविड़ की तरह टीम की पारी को स्थिरता देने में भी माहिर हो चुके हैं। इस सूची में शीर्ष पर सचिन तेंदुलकर (145 पारियां) का नाम है, जो फिलहाल किसी भी सक्रिय बल्लेबाज की पहुंच से काफी दूर है।
जैक कैलिस का किला ढहाने की तैयारी: विश्व क्रिकेट के टॉप-8 में एंट्री
रोहित शर्मा की नजरें सिर्फ भारतीय रिकॉर्ड्स पर नहीं, बल्कि वैश्विक कीर्तिमानों पर भी हैं। वनडे इतिहास में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाजों की फेहरिस्त में दक्षिण अफ्रीका के महान ऑलराउंडर जैक कैलिस फिलहाल 11,579 रनों के साथ आठवें स्थान पर हैं।
रोहित शर्मा ने अब तक 272 पारियों में 11,542 रन बनाए हैं। यानी मात्र 38 रन बनाते ही रोहित, कैलिस को पछाड़कर दुनिया के आठवें सबसे सफल वनडे बल्लेबाज बन जाएंगे। खास बात यह है कि रोहित यह उपलब्धि कैलिस की तुलना में लगभग 40 पारियां पहले हासिल कर सकते हैं, जो उनके स्ट्राइक रेट और निरंतरता का प्रमाण है।
ओपनिंग का ‘बादशाह’: 16,000 रनों की दहलीज पर हिटमैन
बतौर सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा ने विश्व क्रिकेट में अपना एक अलग साम्राज्य स्थापित किया है। राजकोट में वह एक और ऐतिहासिक माइलस्टोन की ओर बढ़ेंगे। रोहित बतौर ओपनर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट (तीनों फॉर्मेट मिलाकर) में 16,000 रन पूरे करने से महज 41 रन दूर हैं।
इसके साथ ही, ‘एशिया के किंग’ बनने की राह में उन्हें केवल 5 रनों की जरूरत है ताकि वह एशियाई धरती पर अपने 6000 वनडे रन पूरे कर सकें। राजकोट की सपाट और बल्लेबाजों के अनुकूल मानी जाने वाली पिच पर ये रिकॉर्ड्स महज औपचारिकता लग रहे हैं।
शतकों का ‘शिखर’ और सचिन का रिकॉर्ड
अगर रोहित का बल्ला राजकोट में गरजता है और वह इसे शतक में तब्दील कर देते हैं, तो वह बतौर भारतीय ओपनर सबसे ज्यादा वनडे शतक लगाने के मामले में एक नया इतिहास रच देंगे। पिछले मैच में मिली 26 रनों की ठोस शुरुआत को बड़ी पारी में न बदल पाने की कसक रोहित इस मैच में जरूर पूरी करना चाहेंगे। फैंस को उम्मीद है कि ‘हिटमैन’ अपनी पुरानी लय में लौटकर रिकॉर्ड्स की झड़ी लगा देंगे।
राजकोट का रण: टॉस बनेगा ‘बॉस’ या बल्लेबाज करेंगे राज? जानें सौराष्ट्र की पिच और प्लेइंग इलेवन का पूरा गणित
राजकोट। भारत और न्यूजीलैंड के बीच सीरीज का दूसरा वनडे न केवल रोहित शर्मा के रिकॉर्ड्स के लिए, बल्कि टीम इंडिया की सीरीज में वापसी के लिए भी निर्णायक है। राजकोट का सौराष्ट्र क्रिकेट एसोसिएशन स्टेडियम अपनी हाई-स्कोरिंग पिचों के लिए जाना जाता है, जहाँ दर्शकों को चौकों-छक्कों की बारिश की उम्मीद रहती है।
पिच रिपोर्ट: बल्लेबाजों का स्वर्ग या स्पिनर्स का जाल?
राजकोट की पिच को पारंपरिक रूप से ‘बल्लेबाजी का पैराडाइज’ कहा जाता है। यहाँ की मिट्टी सख्त है और बाउंड्री छोटी, जो बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने के लिए आमंत्रित करती है।
- फ्लैट ट्रैक: शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को थोड़ी स्विंग मिल सकती है, लेकिन गेंद पुरानी होते ही यह पूरी तरह से बल्लेबाजों के पक्ष में आ जाएगी।
- मिडिल ओवर्स का खेल: खेल जैसे-जैसे आगे बढ़ेगा, पिच थोड़ी धीमी हो सकती है, जिससे कुलदीप यादव और मिचेल सैंटनर जैसे स्पिनर्स गेम में आ सकते हैं।
- ओस (Dew) का फैक्टर: राजकोट में शाम के समय ओस गिरने की प्रबल संभावना रहती है। ऐसे में दूसरी पारी में गेंदबाजी करना चुनौतीपूर्ण होगा, जिससे गेंद गीली होने पर ग्रिप करना मुश्किल हो जाता है।
टॉस का महत्व: कप्तान का फैसला क्या होगा?
राजकोट में टॉस जीतने वाली टीम पहले गेंदबाजी करना पसंद कर सकती है। ओस के प्रभाव को देखते हुए कोई भी कप्तान लक्ष्य का पीछा करना सुरक्षित मानेगा। पिछले कुछ मैचों के आंकड़े बताते हैं कि यहाँ चेज़ करना (Chasing) तुलनात्मक रूप से आसान रहा है। हालांकि, यदि भारत पहले बल्लेबाजी करता है, तो रोहित और शुभमन गिल की नजरें 350+ के स्कोर पर होंगी।
टीम इंडिया की संभावित प्लेइंग इलेवन: क्या होंगे बदलाव?
पहले मैच के प्रदर्शन को देखते हुए टीम इंडिया अपनी कोर टीम को बरकरार रख सकती है, लेकिन गेंदबाजी विभाग में मामूली बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
- रोहित शर्मा (कप्तान): नजरें द्रविड़ के रिकॉर्ड और बड़ी पारी पर।
- शुभमन गिल: राजकोट के मैदान पर गिल का रिकॉर्ड शानदार रहा है।
- विराट कोहली: नंबर 3 पर टीम की रीढ़।
- श्रेयस अय्यर/केएल राहुल: मध्यक्रम में स्थिरता के लिए।
- ऋषभ पंत (विकेटकीपर): फिनिशर की भूमिका में।
- हार्दिक पांड्या: ऑलराउंड प्रदर्शन की उम्मीद।
- रविंद्र जडेजा: घरेलू मैदान पर ‘सर जडेजा’ का जलवा देखने को मिल सकता है।
- कुलदीप यादव: बीच के ओवरों में विकेट चटकाने की जिम्मेदारी।
- जसप्रीत बुमराह: डेथ ओवर्स के विशेषज्ञ।
- मोहम्मद सिराज: शुरुआती झटके देने का दारोमदार।
- अर्शदीप सिंह/मोहम्मद शमी: पिच की नमी को देखते हुए फैसला लिया जाएगा।
न्यूजीलैंड की चुनौती: कीवी टीम का पलटवार
कीवी टीम की नजरें टॉम लैथम और डेरिल मिचेल पर टिकी होंगी। उनकी टीम में फिन एलेन जैसा विस्फोटक ओपनर राजकोट की छोटी बाउंड्री का फायदा उठाने की कोशिश करेगा। न्यूजीलैंड के पास ट्रेंट बोल्ट के रूप में वह हथियार है जो रोहित शर्मा को शुरुआती ओवरों में परेशान कर सकता है।
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भूदेव भगलिया एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में अपनी गहरी पकड़ और सटीक लेखन शैली से अलग पहचान बनाई है। पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक अनुभव के साथ, भूदेव जी ने दैनिक हिंदुस्तान में 12 वर्षों तक और अमर उजाला में एक वर्ष तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वर्तमान में वे जागरूक यूथ न्यूज़ अखबार एवं पोर्टल में कंटेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं, जहाँ वे न्यूज़ कंटेंट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भूदेव भगलिया हमेशा उन मुद्दों पर कलम उठाते हैं जो समाज और युवा पीढ़ी को जागरूक करने में सहायक हों।