JYNEWS–Rohit Sharma : पर्थ में खेले गए भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहले वनडे मैच में टीम इंडिया को करारी हार का सामना करना पड़ा। ऑस्ट्रेलिया ने 7 विकेट से मुकाबला जीत लिया और सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। ये मैच बारिश की वजह से 26-26 ओवर का हो गया था। शुभमन गिल की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी की और 26 ओवर में 9 विकेट पर 136 रन बनाए। डकवर्थ लुइस नियम से ऑस्ट्रेलिया को 131 रनों का लक्ष्य मिला, जिसे उन्होंने आसानी से हासिल कर लिया। लेकिन सवाल ये उठ रहा है कि अगर रोहित शर्मा आज कप्तान होते तो क्या मैच का रुख कुछ और होता? आइए देखते हैं मैच की पूरी कहानी और वो क्या-क्या बदल सकता था।
भारतीय बल्लेबाजी का शर्मनाक प्रदर्शन
टीम इंडिया की शुरुआत ही खराब रही। रोहित शर्मा और शुभमन गिल ने पारी की शुरुआत की, लेकिन दोनों जल्दी आउट हो गए। रोहित ने 14 गेंदों पर सिर्फ 8 रन बनाए और जोश हेजलवुड की गेंद पर कैच दे बैठे। शुभमन गिल, जो इस मैच में कप्तान थे, उन्होंने भी 8 रन बनाकर विकेट गंवा दिया। नाथन एलिस की गेंद पर वे विकेटकीपर जोश फिलिप को कैच थमा बैठे। विराट कोहली की वापसी भी निराश करने वाली रही- उन्होंने 8 गेंदों पर शून्य बनाया और मिचेल स्टार्क की गेंद पर आउट हो गए। ये पहली बार हुआ जब विराट ऑस्ट्रेलिया में वनडे में बिना खाता खोले पवेलियन लौटे। श्रेयस अय्यर ने थोड़ी कोशिश की, लेकिन वे भी जल्दी आउट हो गए। 14 ओवर में भारत के 4 विकेट गिर चुके थे और स्कोर सिर्फ 45 रन था।
केएल राहुल ने थोड़ी उम्मीद जगाई। उन्होंने 30 गेंदों पर 38 रन बनाए, जिसमें मैथ्यू शॉर्ट के खिलाफ दो छक्के शामिल थे। अक्षर पटेल के साथ उन्होंने 39 रनों की साझेदारी की, लेकिन मैथ्यू कुहनेमैन ने अक्षर को आउट कर दिया। राहुल ने वाशिंगटन सुंदर के साथ भी 30 रन जोड़े। आखिर में नीतिश कुमार रेड्डी ने नाबाद 19 रन बनाकर स्कोर को 136 तक पहुंचाया। लेकिन कुल मिलाकर भारतीय बल्लेबाजों ने तेज गेंदबाजों के आगे घुटने टेक दिए।
अगर रोहित कप्तान होते तो क्या बदल जाता मैच?
अब बड़ा सवाल ये है कि अगर रोहित शर्मा कप्तान होते तो क्या टीम इंडिया का प्रदर्शन बेहतर होता? रोहित की कप्तानी में भारत ने दो बड़े आईसीसी टूर्नामेंट जीते हैं। उनकी अनुभवी सोच से शायद बल्लेबाजी क्रम में बदलाव आता। मिसाल के तौर पर, रोहित खुद ओपनिंग करते और शुभमन को नीचे भेजते, जिससे शुरुआत मजबूत हो सकती थी। फील्डिंग प्लेसमेंट में भी उनका दिमाग तेज चलता है, जो ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजों को दबाव में डाल सकता था। शुभमन की नई कप्तानी में टीम थोड़ी बिखरी नजर आई, लेकिन रोहित के नेतृत्व में खिलाड़ी ज्यादा आत्मविश्वास से खेलते। क्या भारत ज्यादा रन बनाता या ऑस्ट्रेलिया को रोक पाता? ये तो कयास हैं, लेकिन रोहित की रणनीति से मैच क्लोज हो सकता था। फैंस तो यही सोच रहे हैं कि अगर ‘हिटमैन’ कप्तान होते तो हार इतनी आसान न होती।
ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी: आसान चेज
131 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी ऑस्ट्रेलिया कभी मुश्किल में नहीं दिखी। ट्रेविस हेड जल्दी आउट हुए, लेकिन कप्तान मिचेल मार्श ने 46 रनों की पारी खेली। जोश फिलिप ने 36 रन बनाए और मैथ्यू रेनशॉ ने 21 रन जोड़कर टीम को जीत दिलाई। भारत की तरफ से अर्शदीप सिंह, वाशिंगटन सुंदर और अक्षर पटेल ने एक-एक विकेट लिए, लेकिन गेंदबाजों को मदद नहीं मिली। ऑस्ट्रेलिया ने 21.1 ओवर में ही लक्ष्य हासिल कर लिया।
आगे की सीरीज
अब टीम इंडिया को एडिलेड और सिडनी में होने वाले अगले दो मैचों में वापसी करनी होगी। रोहित, विराट जैसे सीनियर खिलाड़ियों पर नजरें टिकी हैं। अगर वे फॉर्म में लौटे तो सीरीज रोमांचक हो सकती है। लेकिन आज की हार ने फैंस को सोचने पर मजबूर कर दिया कि रोहित की कप्तानी से क्या फर्क पड़ता।
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भूदेव भगलिया एक अनुभवी और वरिष्ठ पत्रकार हैं, जिन्होंने हिंदी पत्रकारिता की दुनिया में अपनी गहरी पकड़ और सटीक लेखन शैली से अलग पहचान बनाई है। पत्रकारिता के क्षेत्र में दो दशकों से अधिक अनुभव के साथ, भूदेव जी ने दैनिक हिंदुस्तान में 12 वर्षों तक और अमर उजाला में एक वर्ष तक महत्वपूर्ण जिम्मेदारियाँ निभाईं। वर्तमान में वे जागरूक यूथ न्यूज़ अखबार एवं पोर्टल में कंटेंट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं, जहाँ वे न्यूज़ कंटेंट की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। भूदेव भगलिया हमेशा उन मुद्दों पर कलम उठाते हैं जो समाज और युवा पीढ़ी को जागरूक करने में सहायक हों।
