Ayush Intern Stipend: योगी कैबिनेट का बड़ा फैसला, BAMS-BUMS-BHMS इंटर्न को अब मिलेगा ₹15,000 प्रतिमाह

उत्तर प्रदेश के आयुष छात्रों के लिए योगी सरकार ने बड़ी खुशखबरी दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में आयुर्वेद, यूनानी और होम्योपैथी के इंटर्न छात्रों का Ayush Intern Stipend दोगुना करने का फैसला लिया गया। अब सरकारी आयुष मेडिकल कॉलेजों के इंटर्न को ₹7,500 की जगह ₹15,000 प्रतिमाह का स्टाइपेंड मिलेगा।

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राजकीय आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों और विश्वविद्यालयों से BAMS, BUMS और BHMS परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले छात्रों के लिए रोटेटिंग इंटर्नशिप अनिवार्य होती है। इंटर्नशिप के दौरान छात्र मरीजों के उपचार में चिकित्सकीय सहयोग करते हैं और वार्ड, ओपीडी व रात्रि ड्यूटी में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। ऐसे में भत्ते का दोगुना होना उनके लिए बड़ी आर्थिक राहत है।

कितने छात्रों को मिलेगा लाभ

कैबिनेट के इस निर्णय से आयुर्वेद के 588, यूनानी के 150 और होम्योपैथी के 976 इंटर्न छात्र-छात्राओं को सीधा लाभ मिलेगा, यानी कुल 1,714 इंटर्न इस बढ़े हुए भत्ते के दायरे में आएंगे। यह लाभ इसी वर्ष से लागू होगा।

फैसले की खबर मिलते ही छात्रों में उत्साह देखा गया। मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा स्थित स्वामी कल्याण देव राजकीय आयुर्वेदिक कॉलेज एवं चिकित्सालय के विद्यार्थियों ने कॉलेज की प्राचार्या डॉ. विनीता त्यागी को मुख्यमंत्री और आयुष राज्य मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ के नाम आभार पत्र सौंपा। प्राचार्या के अनुसार कॉलेज के लगभग 35 इंटर्न छात्र-छात्राओं को इसी वर्ष से बढ़ी हुई राशि का लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।

गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में आयुष चिकित्सा शिक्षा का बड़ा नेटवर्क है, जिसमें दर्जनों राजकीय आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेज संचालित हो रहे हैं। इन संस्थानों से हर साल हजारों छात्र BAMS, BUMS और BHMS की डिग्री लेकर निकलते हैं। इंटर्नशिप के एक वर्ष के दौरान ये छात्र अस्पतालों की ओपीडी, वार्ड और आपात सेवाओं में चिकित्सकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करते हैं। ऐसे में स्टाइपेंड का दोगुना होना न केवल उनकी आर्थिक स्थिति सुधारेगा, बल्कि आयुष पद्धतियों में करियर बनाने के लिए युवाओं को प्रोत्साहन भी देगा। आयुष मंत्रालय के अनुसार पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में शोध और प्रशिक्षण को बढ़ावा देना सरकार की प्राथमिकता है।

पात्रता

यह बढ़ा हुआ स्टाइपेंड प्रदेश के राजकीय आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी मेडिकल कॉलेजों, संस्थानों और विश्वविद्यालयों से BAMS, BUMS और BHMS की परीक्षा उत्तीर्ण कर रोटेटिंग इंटर्नशिप कर रहे छात्रों को मिलेगा। इंटर्नशिप के दौरान छात्र इन्हीं संस्थानों में प्रशिक्षण लेते हैं।

योगी कैबिनेट के अन्य फैसले

इसी कैबिनेट बैठक में आंगनवाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को यूनिफॉर्म के रूप में साड़ी देने के बजट को भी मंजूरी दी गई, जिसकी विस्तृत जानकारी यहां पढ़ें। इसके अलावा आयुष अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में सुविधाओं के विस्तार तथा जनहित से जुड़ी विकास योजनाओं के बजट आवंटन को भी हरी झंडी मिली। छात्राओं के हित में चल रही मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत पात्र परिवारों को ₹25,000 तक का लाभ मिल रहा है।