22 की उम्र में UPSC टॉपर: टीना डाबी की सफलता की कहानी

यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा को दुनिया की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है. हर साल 9 से 10 लाख युवा इसमें किस्मत आजमाते हैं, लेकिन कामयाबी सिर्फ कुछ जिद्दी हौसलों के हाथ लगती है. ऐसी ही एक मिसाल हैं टीना डाबी, जिन्होंने महज 22 साल की उम्र में पहले ही प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल कर इतिहास रच दिया था.

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प्रशासनिक माहौल में पली-बढ़ीं टीना

टीना डाबी का जन्म 9 नवंबर 1993 को भोपाल में हुआ था, बाद में परिवार दिल्ली में बस गया. उनके पिता जसवंत डाबी BSNL में सीनियर अधिकारी रहे, जबकि मां हिमानी डाबी यूपीएससी पास कर IES अफसर बनीं. घर में अनुशासित और पढ़ाई वाला माहौल था, जिसने टीना को बचपन से ही बड़ा सपना देखने की प्रेरणा दी.

स्कूली शिक्षा दिल्ली के जीसस एंड मैरी कॉन्वेंट स्कूल से हुई, जहां वे डिबेट और अन्य गतिविधियों में अव्वल रहती थीं. इसके बाद दिल्ली यूनिवर्सिटी के लेडी श्रीराम कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया.

रोज 9-10 घंटे की पढ़ाई, कोई शॉर्टकट नहीं

साल 2015 का यूपीएससी रिजल्ट देश को चौंका गया. 9 लाख से ज्यादा उम्मीदवारों को पीछे छोड़ते हुए 22 साल की टीना ने रैंक 1 हासिल की. उनकी तैयारी में कोई शॉर्टकट नहीं था — रोजाना 9 से 10 घंटे पढ़ाई, NCERT किताबों पर मजबूत पकड़ और लगातार मॉक टेस्ट. यही रणनीति उन्हें टॉपर बनाने वाली साबित हुई.

राजस्थान कैडर में चर्चित करियर

ट्रेनिंग के बाद टीना को राजस्थान कैडर मिला और करियर की शुरुआत अजमेर में असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में हुई. केंद्र सरकार के कई विभागों में सेवा देने के बाद उन्होंने राजस्थान के विभिन्न जिलों में अहम जिम्मेदारियां संभालीं. जिला कलेक्टर के तौर पर कोविड प्रबंधन, योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन और महिला सशक्तिकरण में उनके काम की खूब सराहना हुई.

पारिवारिक मोर्चे पर भी टीना सुर्खियों में रहीं. उनकी बहन रिया डाबी और पति डॉ. प्रदीप गवांडे भी आईएएस अधिकारी हैं. सोशल मीडिया पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं, जो उनकी हर अपडेट पर नजर रखते हैं.