प्रधानमंत्री आवास योजना 2026: ₹1.20 लाख सहायता से बनाएं पक्का घर, 2 करोड़ नए घरों का लक्ष्य

अपना पक्का घर — यह हर परिवार का सबसे बड़ा सपना होता है। केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) इसी सपने को पूरा कर रही है। इस योजना के तहत बेघर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों को पक्का घर बनाने के लिए ₹1.20 लाख तक की आर्थिक सहायता सीधे बैंक खाते में दी जाती है। और अब खुशखबरी यह है कि सरकार ने योजना को 2028-29 तक बढ़ा दिया है, जिसमें 2 करोड़ अतिरिक्त घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। यूपी समेत कई राज्यों में आवंटन की प्रक्रिया भी तेज हो गई है।

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PMAY-Gramin एक नजर में

  • शुरुआत: 1 अप्रैल 2016, ग्रामीण विकास मंत्रालय
  • सहायता राशि: मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख, पहाड़ी/पूर्वोत्तर क्षेत्रों में ₹1.30 लाख
  • शौचालय के लिए: अतिरिक्त ₹12,000 की मदद
  • न्यूनतम घर का आकार: 25 वर्ग मीटर
  • भुगतान: DBT से सीधे बैंक/डाकघर खाते में
  • लाभार्थी चयन: SECC-2011, स्थायी प्रतीक्षा सूची और आवास+ सर्वे के आधार पर
  • आधिकारिक वेबसाइट: pmayg.nic.in

2028-29 तक विस्तार: अब कुल लक्ष्य 4.95 करोड़ घर

सरकार ने PMAY-G को वित्त वर्ष 2024-25 से 2028-29 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस विस्तार में 2 करोड़ अतिरिक्त घरों का लक्ष्य जोड़ा गया है, जिससे योजना का कुल लक्ष्य अब 4.95 करोड़ घर हो गया है (पहले चरण का लक्ष्य 2.95 करोड़ था)।

ताजा आंकड़े बताते हैं कि 12 अगस्त 2026 तक 3.91 करोड़ से ज्यादा घर स्वीकृत हो चुके हैं और इनमें से करीब 3.13 करोड़ घरों का निर्माण पूरा भी हो चुका है। यानी योजना जमीनी स्तर पर तेजी से आगे बढ़ रही है।

पात्रता में राहत: अब दोपहिया वाहन या फ्रिज पर नहीं कटेगा नाम

सरकार ने पात्रता नियमों में अहम ढील दी है — अब सिर्फ दोपहिया वाहन या फ्रिज होने की वजह से किसी को अपात्र नहीं ठहराया जाएगा। यह फैसला उन गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिनके पास छोटी-मोटी सुविधाएं तो थीं, लेकिन पक्का घर नहीं था।

यूपी में बड़ी हलचल: 5.56 लाख घरों का जिलावार आवंटन

सितंबर 2026 में उत्तर प्रदेश से बड़ी खबर आई है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 5,56,634 घरों का जिलावार आवंटन स्वीकृत किया है — यह 6.18 लाख के लक्ष्य का 90 प्रतिशत है। इसमें प्रयागराज के लिए 17,004 घर शामिल हैं। सबसे ज्यादा आवंटन वाले जिले हैं: सीतापुर: 47,160 घर; सोनभद्र: 35,412 घर।

PMAY-Urban: शहरों में रहने वालों के लिए भी योजना

अगर आप शहर में रहते हैं, तो निराश न हों — प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी (PMAY-Urban) शहरों में रहने वाले पात्र परिवारों के लिए चलाई जा रही है। ग्रामीण और शहरी, दोनों घटकों का उद्देश्य एक ही है — हर पात्र परिवार के सिर पर पक्की छत।

लाभार्थी सूची में अपना नाम कैसे चेक करें?

अगर आपने सर्वे में नाम दर्ज कराया है या पहले से आवेदन किया है, तो अपनी स्थिति ऐसे जांचें:

  • आधिकारिक वेबसाइट pmayg.nic.in पर जाएं
  • "Stakeholders" मेन्यू में "IAY/PMAYG Beneficiary" का विकल्प चुनें
  • अपना रजिस्ट्रेशन नंबर डालकर Search करें
  • स्क्रीन पर आपके आवेदन और किस्तों की पूरी स्थिति दिख जाएगी

अगर आपका नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची (permanent waitlist) में है, तो अपने नंबर का इंतजार करें — आवंटन जिलावार प्राथमिकता के हिसाब से होता है। किसी भी जानकारी के लिए अपने ब्लॉक या जिले के ग्रामीण विकास कार्यालय से संपर्क करें, और बिचौलियों से दूर रहें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)

Q1. PMAY-Gramin में कितनी आर्थिक सहायता मिलती है? मैदानी इलाकों में ₹1.20 लाख और पहाड़ी/पूर्वोत्तर क्षेत्रों में ₹1.30 लाख की सहायता मिलती है। शौचालय निर्माण के लिए ₹12,000 अतिरिक्त मिलते हैं।

Q2. योजना का नया लक्ष्य क्या है? 2028-29 तक के विस्तार के साथ अब कुल 4.95 करोड़ घरों का लक्ष्य है, जिसमें 2 करोड़ अतिरिक्त घर शामिल हैं।

Q3. लाभार्थियों का चयन कैसे होता है? SECC-2011 के आंकड़ों, स्थायी प्रतीक्षा सूची और आवास+ सर्वे के आधार पर पात्र परिवारों का चयन होता है।

Q4. क्या दोपहिया वाहन होने पर भी लाभ मिलेगा? हां, अब सिर्फ दोपहिया वाहन या फ्रिज होने से कोई अपात्र नहीं होगा — पात्रता नियमों में यह राहत दी गई है।

Q5. पैसा कैसे मिलता है? सहायता राशि DBT के जरिए सीधे लाभार्थी के बैंक या डाकघर खाते में किस्तों में भेजी जाती है।

Disclaimer

यह जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है। पात्रता, लाभार्थी सूची और आवेदन से जुड़ी अंतिम व आधिकारिक जानकारी के लिए pmayg.nic.in या अपने जिले के ग्रामीण विकास कार्यालय से ही पुष्टि करें।