1. गैस सिलेंडर: बिना बायोमेट्रिक सत्यापन के नहीं मिलेगी सब्सिडी
1 अक्टूबर 2026 से घरेलू गैस सिलेंडर उपभोक्ताओं के लिए Biometric Aadhaar Authentication (BAA) अनिवार्य हो रहा है। अब रिफिल बुक करते समय नियमित खुदरा मूल्य पर सब्सिडी के साथ सिलेंडर पाने के लिए बायोमेट्रिक आधार सत्यापन पूरा करना जरूरी होगा।
अगर आपने सत्यापन नहीं कराया है, तो गैस सिलेंडर तो मिलेगा, लेकिन बाजार भाव पर, बिना सब्सिडी के — यानी आपको जेब से ज्यादा पैसे चुकाने पड़ेंगे। सितंबर 2026 में 14.2 किलोग्राम वाले सिलेंडर पर अप्रत्यक्ष सब्सिडी करीब ₹210 प्रति सिलेंडर थी। देश में करीब 27.43 करोड़ सक्रिय घरेलू LPG ग्राहक हैं, जिनमें से लगभग 89.9% पहले ही बायोमेट्रिक सत्यापन करा चुके हैं।
क्या करें:
- अगर आपने BAA पहले ही करा लिया है, तो आपको कुछ नहीं करना — दोबारा सत्यापन की जरूरत नहीं है।
- अगर नहीं कराया है, तो तीन तरीकों से करा सकते हैं: सिलेंडर की डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी के शोरूम पर, या OMC ऐप्स के जरिए — इंडेन के लिए IndianOil ONE, भारत गैस के लिए HelloBPCL और HP गैस के लिए HP PAY।
- सिलेंडर बुक करने से पहले ही सत्यापन करवा लें, ताकि सब्सिडी में कोई रुकावट न आए।
2. SBI के ग्राहकों के लिए ATM के नियम सख्त
भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अक्टूबर 2026 से सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM पर फ्री ट्रांजेक्शन की सीमा घटा दी है। अब पहले के 10 की जगह सिर्फ 5 फ्री ट्रांजेक्शन प्रति माह मिलेंगे, जिसमें वित्तीय (पैसे निकालना) और गैर-वित्तीय (बैलेंस पूछताछ आदि) दोनों तरह के ट्रांजेक्शन शामिल हैं।
वहीं, BSBDA (Basic Savings Bank Deposit Accounts) खाताधारकों के लिए प्रति माह 4 मुफ्त नकद निकासी जारी रहेगी; उसके बाद हर ट्रांजेक्शन पर ₹15 + GST चार्ज लगेगा। तय सीमा से ज्यादा ट्रांजेक्शन पर SBI के नियमों के अनुसार अतिरिक्त शुल्क लागू होगा।
क्या करें:
- जहां तक हो सके अपने बैंक के SBI ATM का ही इस्तेमाल करें।
- छोटी-छोटी निकासी के बजाय एक बार में जरूरी राशि निकालें, ताकि फ्री लिमिट जल्दी खत्म न हो।
- कैशलेस भुगतान (UPI, नेट बैंकिंग) का इस्तेमाल बढ़ाएं।
3. NPS खाताधारकों के लिए नया चार्ज स्ट्रक्चर
1 अक्टूबर 2026 से PFRDA (पेंशन फंड नियामक) का संशोधित PoP (Point of Presence) चार्ज स्ट्रक्चर लागू हो रहा है। इसके मुख्य बिंदु:
- नया PRAN खोलने पर एकमुश्त ₹200 का ऑनबोर्डिंग चार्ज, जिसे यूनिट कैंसिलेशन के जरिए ₹50 प्रति तिमाही की दर से वसूला जाएगा।
- पूरी तरह डिजिटल, बिना फेस-टू-फेस प्रक्रिया से खुलने वाले खाते पर ₹100 का शुल्क (उपलब्ध जानकारी के अनुसार)।
- गैर-निष्क्रिय (non-dormant) खातों पर सालाना 0.20% of AUM, जो NAV के जरिए समायोजित होकर हर तिमाही वसूला जाएगा।
- e-NPS / D-Remit के जरिए योगदान करने वाले ग्राहकों से कोई PoP चार्ज नहीं लिया जाएगा।
- ऑनबोर्डिंग के समय न्यूनतम ₹250 और बाद के हर ट्रांजेक्शन पर न्यूनतम ₹10 की शर्त पहले जैसी ही रहेगी।
क्या करें: अगर आप NPS में निवेश करते हैं, तो अपने PoP (बैंक/ब्रोकर) से नया चार्ज शेड्यूल जरूर मांगें और समझें कि यह आपके खाते पर कैसे लागू होगा। डिजिटल प्रक्रिया से जुड़ने वालों को शुल्क में राहत मिल सकती है।
4. NRI से प्रॉपर्टी खरीदना हुआ आसान
अब अच्छी खबर! 1 अक्टूबर 2026 से NRI विक्रेता से प्रॉपर्टी खरीदने वाले निवासी व्यक्ति और HUF (हिंदू अविभाजित परिवार) को TDS अनुपालन के लिए अलग TAN नंबर लेने की जरूरत नहीं होगी। अब वे अपने PAN का इस्तेमाल करके Form 141 के जरिए TDS जमा कर सकेंगे।
ध्यान रहे कि TDS की दर में कोई बदलाव नहीं हुआ है — सिर्फ प्रक्रिया सरल बनाई गई है। पहले अलग TAN के लिए आवेदन करना पड़ता था, जिसमें समय लगता था। अब यह झंझट खत्म।
क्या करें: अगर आप NRI से प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो अपने चार्टर्ड अकाउंटेंट या सलाहकार से Form 141 की नई प्रक्रिया के बारे में बात करें।
एक नजर में: 1 अक्टूबर से क्या-क्या बदलेगा
| नियम | बदलाव | असर |
|---|---|---|
| LPG सब्सिडी | बायोमेट्रिक आधार सत्यापन अनिवार्य | बिना सत्यापन के सब्सिडी नहीं, बाजार भाव पर सिलेंडर |
| SBI ATM | दूसरे बैंकों के ATM पर फ्री ट्रांजेक्शन 10 से घटकर 5 | ज्यादा ATM इस्तेमाल = ज्यादा चार्ज |
| NPS चार्ज | नया PoP चार्ज स्ट्रक्चर (₹200 ऑनबोर्डिंग, 0.20% AUM सालाना) | पेंशन खाते के शुल्क में बदलाव |
| NRI प्रॉपर्टी TDS | अलग TAN की जरूरत खत्म, PAN से काम | खरीद-बिक्री की प्रक्रिया आसान |
इन बातों का भी रखें ध्यान
बैंक डिपॉजिट पर पारदर्शिता: 1 अक्टूबर से RBI के नियम के अनुसार बैंकों को बल्क FD दरें हर दिन सुबह 10 बजे तक प्रकाशित करनी होंगी — इससे ग्राहकों को दरों की तुलना करने में आसानी होगी।
टैक्स से जुड़ी राहत: आकलन वर्ष 2026-27 के लिए टैक्स ऑडिट की अंतिम तिथि बढ़ाकर 21 अक्टूबर और ऑडिट मामलों में ITR दाखिल करने की तिथि 21 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। ये तिथियां 1 अक्टूबर से लागू नियम नहीं हैं, लेकिन इस समय की अहम खबर जरूर हैं।
UPI पर MDR (15 अक्टूबर से): 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से ऊपर के चुनिंदा person-to-merchant UPI ट्रांजेक्शन पर 0.4% MDR लगेगा, जो अधिकतम ₹75,000 से ऊपर के भुगतान पर ₹300 तक सीमित रहेगा। अच्छी बात यह है कि यह शुल्क ग्राहक से सीधे नहीं वसूला जाएगा — इसे व्यापारी (merchant) वहन करेगा। बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने 28 सितंबर को इस पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया है और केंद्र, RBI व NPCI से 4 हफ्ते में जवाब मांगा है।
निष्कर्ष: 1 अक्टूबर से लागू हो रहे ये नियम ज्यादातर उपभोक्ताओं की सुरक्षा और प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए हैं। बस समय पर बायोमेट्रिक सत्यापन करवाएं, ATM इस्तेमाल में समझदारी बरतें और अपने पेंशन व टैक्स मामलों की जानकारी अद्यतन रखें — ताकि किसी बदलाव से आपको नुकसान न हो।

Mayank Trigun is an Assistant Editor at JYNews Online. He brings over 13 years of experience in electronic and digital media. He has a keen interest in writing on topics related to politics, current affairs, the judiciary, defense, foreign affairs, and business. After completing his Ma from St.TMU College Moradabad. He has been actively engaged in digital journalism for more than six years.