महाराष्ट्र सरकार की Ladki Bahin Yojana की लाभार्थी हजारों महिलाओं के लिए बुरी खबर है। कई तालुकों में इस महीने की ₹1,500 की सहायता राशि लाभार्थियों के खातों में नहीं पहुंची। वजह बताई जा रही है — e-KYC में तकनीकी गड़बड़ी। बताया जा रहा है कि जिन महिलाओं के बैंक खाते आधार से जुड़े होने के बावजूद पोर्टल पर e-KYC अधूरा दिखा रहा है, उन्हीं के खाते में पैसा रुक गया है। स्थानीय स्तर पर हुई जांच के अनुसार यह समस्या सूचीबद्ध मामलों में सामने आई है।
Ladki Bahin Yojana e-KYC विवाद: क्या है पूरा मामला
यहां गौर करने वाली बात यह है कि यह कोई सरकार द्वारा घोषित राज्यव्यापी सहायता-रोक नहीं है। जनवादी महिला संघटना के नेतृत्व में महिलाओं ने अहिल्यानगर जिले के अकोले तहसील कार्यालय पर मोर्चा निकाला और प्रशासन को शिकायतें सौंपीं। महिलाओं का कहना है कि वे सभी दस्तावेज़ जमा कर चुकी हैं, बैंक खाते आधार से जुड़े हैं, फिर भी पोर्टल पर e-KYC अधूरा बताया जा रहा है — और इसी के चलते उनकी सहायता रुक गई है।
26 अक्टूबर को वर्षा बंगले पर मोर्चे की चेतावनी
प्रदर्शनकारी महिलाओं ने चेतावनी दी है कि अगर 26 अक्टूबर 2026 तक उनकी रुकी हुई सहायता बहाल नहीं की गई, तो वे मुंबई में मुख्यमंत्री के सरकारी आवास वर्षा बंगले पर मोर्चा निकालेंगी। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि त्योहारों के मौसम में इस राशि से उन्हें घर का बजट संभालने में मदद मिलती थी, और e-KYC जैसी तकनीकी खामी की वजह से हज़ारों पात्र परिवारों को दिक्कत झेलनी पड़ रही है।
सहायता दोबारा शुरू कैसे कराएं
अगर आपकी भी Ladki Bahin Yojana की किस्त e-KYC की वजह से रुकी है, तो ये कदम अपनाएं — सबसे पहले अपने नजदीकी सीएससी (CSC) केंद्र पर जाकर बायोमेट्रिक e-KYC दोबारा करवाएं। इसके बाद बैंक में जाकर NPCI मैपिंग की जांच करवाएं कि आपका आधार सही खाते से जुड़ा है या नहीं। फिर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या तहसील कार्यालय में शिकायत दर्ज कराएं। अपनी स्थिति नारी शक्ति दूत ऐप या ladakibahin.maharashtra.gov.in पर भी चेक कर सकते हैं, और मदद के लिए टोल-फ्री 181 पर कॉल करें।
योजना की पात्रता में कोई बदलाव नहीं
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि Ladki Bahin Yojana की पात्रता शर्तों में कोई बदलाव नहीं किया गया है — यह योजना विवाहित, विधवा, तलाकशुदा, परित्यक्ता और अविवाहित महिलाओं के लिए बनी है जिनकी पारिवारिक आय तय सीमा के भीतर है। महिलाओं को सलाह दी गई है कि वे घबराएं नहीं; तकनीकी विसंगति वाले मामलों की पहचान कर उनका e-KYC सुधारने पर रुकी हुई किस्तें जारी हो सकती हैं। स्थानीय स्तर पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से भी सहायता दी जा रही है।
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