भारत में दुनिया का सबसे सस्ता इंटरनेट: 2014 के ₹268 से घटकर ₹8 प्रति GB हुआ डेटा, IMC 2026 में बोले सिंधिया

भारत में इंटरनेट डेटा अब दुनिया में सबसे सस्ता हो गया है। केंद्रीय संचार मंत्री Jyotiraditya Scindia ने India Mobile Congress (IMC) 2026 के 10वें संस्करण में यह जानकारी दी। 8 अक्टूबर को यशोभूमि में आयोजित इस इवेंट का उद्घाटन प्रधानमंत्री Narendra Modi ने किया था। मंत्री ने बताया कि 2014 में जहां 1GB डेटा की कीमत ₹268 थी, वहीं आज यह घटकर सिर्फ ₹8 प्रति GB रह गई है — जो वैश्विक स्तर पर सबसे कम दर है।

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यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं, बल्कि भारत के डिजिटल बदलाव की सबसे बड़ी तस्वीर है। सस्ते डेटा ने UPI पेमेंट, ऑनलाइन शिक्षा, डिजिटल सेवाओं और कंटेंट कंजम्पशन को गांव-गांव तक पहुंचाया है। आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेटा उपभोक्ता देशों में से एक है, और इसकी नींव इसी सस्ते डेटा पर टिकी है।

ब्रॉडबैंड यूजर्स 6 करोड़ से बढ़कर 1 अरब के पार

मंत्री Scindia ने इवेंट में बताया कि 2014 में देश में ब्रॉडबैंड ग्राहकों की संख्या सिर्फ 6 करोड़ थी, जो अब बढ़कर 1 अरब से ज्यादा हो गई है। मोबाइल ग्राहकों की संख्या 1.35 अरब तक पहुंच गई है। यह ग्रोथ टेलीकॉम सेक्टर के विस्तार और सस्ते डेटा प्लान्स का सीधा नतीजा है।

डेटा खपत के आंकड़े भी हैरान करने वाले हैं। 2014 में औसत डेटा खपत सिर्फ 0.26MB प्रति माह थी, जो अब बढ़कर 36GB प्रति माह हो गई है — यानी करीब 140 गुना की बढ़ोतरी। वीडियो स्ट्रीमिंग, सोशल मीडिया और ऑनलाइन गेमिंग ने इस खपत को लगातार बढ़ाया है।

5G यूजर्स 55 करोड़, 2030 तक 1 अरब का लक्ष्य

5G को लेकर मंत्री ने कहा कि भारत में 5G यूजर्स की संख्या 55 करोड़ तक पहुंच गई है, और 2030 तक इसे 1 अरब तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि 5G दुनिया में सबसे तेजी से अपनाई गई टेलीकॉम तकनीक बन गई है, और भारत इस रेस में सबसे आगे है।

5G के विस्तार से इंडस्ट्री 4.0, स्मार्ट सिटी, टेलीमेडिसिन और ऑटोनॉमस व्हीकल जैसी तकनीकों को भी रफ्तार मिलेगी। सरकार का फोकस अब 5G को गांवों तक पहुंचाने और इसके यूज केस को बढ़ाने पर है।

6G पर भारत का बड़ा दांव

6G को लेकर मंत्री Scindia ने कहा कि Bharat 6G Alliance के पास अब तक 7,700 पेटेंट हैं, जिनमें 4,400 अंतरराष्ट्रीय पेटेंट शामिल हैं। उन्होंने कहा, “4G में हम पीछे थे, 5G में हम साथ चले, लेकिन 6G में हम दुनिया का नेतृत्व करेंगे।” यह बयान 6G स्टैंडर्ड तय करने की ग्लोबल रेस में भारत की गंभीरता दिखाता है।

कुल मिलाकर, IMC 2026 में पेश किए गए आंकड़े भारत के डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर की ताकत को दर्शाते हैं — दुनिया का सबसे सस्ता डेटा, अरबों यूजर्स और 6G की तैयारी। आने वाले सालों में यही डिजिटल नींव भारत की टेक लीडरशिप का आधार बनेगी।