INDIA bloc March for Democracy: सुप्रीम कोर्ट से 600 मीटर पहले रोका गया विशाल मार्च, CEC के इस्तीफे की मांग — आज HC में सुनवाई

12 अक्टूबर को INDIA गठबंधन के “March for Democracy” में हजारों लोग मध्य दिल्ली की सड़कों पर उतर आए। Rahul Gandhi और Priyanka Gandhi Vadra के नेतृत्व में यह मार्च मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर था — आरोप है कि वोटर लिस्ट के Special Intensive Revision (SIR) में गंभीर गड़बड़ियां हुई हैं। मार्च का मकसद सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचकर चुनाव आयोग के खिलाफ विरोध दर्ज कराना था।

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मार्च में कांग्रेस अध्यक्ष Mallikarjun Kharge, सपा प्रमुख Akhilesh Yadav, राजद के Tejashwi Yadav, तेलंगाना के मुख्यमंत्री Revanth Reddy, कर्नाटक के मुख्यमंत्री DK Shivakumar, हिमाचल के मुख्यमंत्री Sukhvinder Singh Sukhu और पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री Mamata Banerjee समेत विपक्ष के कई दिग्गज नेता शामिल हुए। हजारों समर्थकों के साथ यह मार्च राजधानी की सबसे बड़ी विपक्षी रैलियों में से एक बन गया।

सुप्रीम कोर्ट से 600 मीटर पहले रोका गया मार्च

हालांकि प्रदर्शनकारी सुप्रीम कोर्ट तक नहीं पहुंच सके। भगवान दास रोड पर लोहे के बैरिकेड्स और भारी पुलिस व अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ मार्च को सुप्रीम कोर्ट से करीब 600 मीटर पहले ही रोक दिया गया। राहत की बात यह रही कि कोई हिरासत या झड़प नहीं हुई — मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। मध्य दिल्ली में Section 163 BNSS लागू था, और छह मेट्रो स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक बंद रहे, जिन्हें करीब 4:16 बजे दोबारा खोल दिया गया।

सुप्रीम कोर्ट में याचिका, CJI ने मिलने से किया इनकार

उसी दिन INDIA गठबंधन के 11 नेताओं ने चुनाव आयोग के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में औपचारिक याचिका भी दाखिल की। उधर, CJI Surya Kant ने मार्च पर टिप्पणी करने या विपक्षी प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इनकार कर दिया — उनका कहना था, “Ye mera mudda nahin hai” (यह मेरा मुद्दा नहीं है), और इसे उन्होंने कानून-व्यवस्था का विषय बताया।

आज Delhi High Court में सुनवाई

13 अक्टूबर (आज) को दिल्ली हाईकोर्ट में जस्टिस Amit Mahajan भारतीय युवा कांग्रेस (IYC) की याचिका पर सुनवाई करेंगे। IYC ने CEC के खिलाफ जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति से इनकार करने के दिल्ली पुलिस के फैसले को चुनौती दी है। 12 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने अदालत से निर्देश लेने के लिए समय मांगा था। गौरतलब है कि 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर हुए पूर्व प्रदर्शन की खबर हम पहले ही प्रकाशित कर चुके हैं — यहां पढ़ें।

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