2036 में भारत में होगा ओलंपिक? IOC ने जारी किया रोडमैप, 7 देशों की रेस में इंडिया की धमाकेदार एंट्री!

खेल प्रेमियों के लिए बड़ी खुशखबरी! अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (IOC) ने 2036 ओलंपिक और पैरालंपिक खेलों की मेजबानी के चयन का विस्तृत रोडमैप मंगलवार, 6 अक्टूबर 2026 को जारी कर दिया है। इस रोडमैप के साथ यह पक्का हो गया है कि भारत 2036 ओलंपिक की मेजबानी की रेस में मजबूती से खड़ा है — और दावेदार देशों की कुल संख्या 7 है।

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कौन-कौन हैं रेस में? 7 दावेदार देश

IOC के मुताबिक फिलहाल 7 देश मेजबानी को लेकर निरंतर संवाद (continuous dialogue) में हैं — भारत, जर्मनी, हंगरी, कतर, दक्षिण कोरिया, दक्षिण अफ्रीका और तुर्किये। चार महाद्वीपों के ये देश ओलंपिक आयोजन के अनुभवी और पहली बार मेजबानी की चाहत रखने वाले, दोनों तरह के हैं। भारत की ओर से औपचारिक शुरुआत 1 अक्टूबर 2024 को हुई थी, जब भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने IOC के फ्यूचर होस्ट कमीशन को Letter of Intent सौंपा था।

चयन प्रक्रिया की पूरी टाइमलाइन — कब क्या होगा

नए हैंडबुक के अनुसार चयन कई चरणों में होगा। सबसे पहले नवंबर 2026 में दावेदार देश फ्यूचर होस्ट कमीशन के सामने वर्चुअल प्रेजेंटेशन देंगे। इसके बाद मार्च 2027 तक फिजिबिलिटी असेसमेंट पूरे होंगे और IOC की एग्जीक्यूटिव बोर्ड अगले चरण के लिए उम्मीदवारों की शॉर्टलिस्ट जारी करेगी। फिर दिसंबर 2028 में चुनिंदा पसंदीदा मेजबानों के साथ टारगेटेड डायलॉग शुरू होगा, और अंत में 2029 के मध्य में IOC सेशन में मतदान से मेजबान देश चुना जाएगा। ध्यान रहे — 31 अक्टूबर 2026 के बाद कोई नया दावेदार इस रेस में शामिल नहीं हो सकेगा।

भारत का आकलन किस आधार पर होगा?

भारत समेत सभी बोली लगाने वाले देशों को कई तकनीकी और रणनीतिक मापदंडों पर परखा जाएगा — वेन्यू मास्टरप्लान, खिलाड़ियों का अनुभव, फंडिंग रणनीति, राजनीतिक और जन समर्थन, आयोजन की क्षमता और लॉन्ग-टर्म लेगेसी प्लान। IOC के अध्यक्ष क्रिस्टी कॉवेंट्री, जो खुद पांच बार की ओलंपियन हैं, ने कहा है कि चयन में सबसे अहम खिलाड़ी ही होंगे — “एथलीट्स हमेशा हर चीज़ के केंद्र में होने चाहिए।” अगर भारत को मेजबानी मिलती है, तो यह इतिहास में पहली बार होगा — आज तक भारत ने न ग्रीष्मकालीन, न शीतकालीन ओलंपिक की मेजबानी की है।

भारत के लिए इसका मतलब क्या है?

यह बोली भारत के लिए सिर्फ खेल आयोजन नहीं, बल्कि वैश्विक मंच पर देश की छवि बदलने का मौका है। हालांकि रास्ता आसान नहीं — वेन्यू, ट्रांसपोर्ट, आवास और प्रशासन, हर मोर्चे पर कड़े प्रतिस्पर्धियों से मुकाबला करना होगा। अगली बड़ी परीक्षा नवंबर 2026 की वर्चुअल प्रेजेंटेशन है, जहां भारत को दुनिया को यह विश्वास दिलाना होगा कि वह दुनिया का सबसे बड़ा खेल उत्सव आयोजित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।