Google ने अपने AI चैटबॉट Gemini के फ्री यूजर्स के लिए बड़ा बदलाव किया है। Google के सपोर्ट पेज के मुताबिक, 9 अक्टूबर 2026 से फ्री अकाउंट वाले यूजर्स को सिर्फ Flash-Lite मॉडल मिलेगा — Flash और Pro मॉडल फ्री टियर से पूरी तरह हट जाएंगे। यह बदलाव Gemini इस्तेमाल करने वाले हर पर्सनल अकाउंट पर लागू होगा। Google ने इसकी घोषणा किसी ब्लॉग पोस्ट से नहीं, बल्कि सपोर्ट डॉक्यूमेंटेशन के अपडेट से की है।
किस टियर को क्या मिलेगा
नई व्यवस्था में फ्री यूजर्स को सिर्फ Flash-Lite मिलेगा। Google AI Plus ($4.99/माह) के सब्सक्राइबर्स Flash-Lite और Flash रखेंगे, लेकिन Pro एक्सेस खो देंगे — Google उन्हें ईमेल से बताएगा कि यह बदलाव उनके अकाउंट पर कब लागू होगा। AI Pro ($19.99/माह) और AI Ultra प्लान वालों को Flash-Lite, Flash और Pro — तीनों मॉडल मिलते रहेंगे, साथ में Deep Think एडवांस्ड रीजनिंग ऑप्शन भी। Google के मुताबिक, तीन मॉडल के अलग-अलग कंप्यूटेशनल लोड को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।
Flash-Lite, Flash और Pro में अंतर
Google के अनुसार, Flash-Lite सबसे हल्का और तेज मॉडल है, जो रोजमर्रा के काम — जानकारी का सारांश, ब्रेनस्टॉर्मिंग — के लिए बना है। Flash स्पीड और रीजनिंग का मेल है, जो व्यापक सवालों को संभालता है। Pro जटिल गणित, कोडिंग और मल्टी-स्टेप रीजनिंग जैसे कठिन कामों के लिए है। Free Gemini पर लंबे दस्तावेजों का विश्लेषण या कोडिंग में मदद लेने वालों को 9 अक्टूबर के बाद क्षमता में असली गिरावट महसूस होगी, न कि सिर्फ रेट-लिमिट का बदलाव।
यूजेज लिमिट और भारत के यूजर्स पर असर
पेड प्लान भी यूजेज लिमिट के दायरे में रहेंगे। Google इस्तेमाल को सवाल की जटिलता, मॉडल और चैट की लंबाई के हिसाब से मापता है। लिमिट हर 5 घंटे में रिफ्रेश होती है, जब तक साप्ताहिक कैप न पहुंचे। पेड सब्सक्राइबर्स को फ्री यूजर्स से ज्यादा अलाउंस मिलता है। भारत में करोड़ों यूजर्स Gemini का फ्री इस्तेमाल करते हैं, इसलिए यह बदलाव उनके लिए अहम है। Pro जैसी क्षमता चाहिए तो अब AI Pro टियर लेना होगा — $4.99 वाले Plus से सीधे $19.99 वाले प्लान पर जाना होगा।
Google की रणनीति क्या कहती है
टेक एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह कदम Google की AI से कमाई बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। Gemini 4 Argon जैसे एडवांस्ड मॉडल और Deep Think जैसी सुविधाओं की भारी कंप्यूटिंग लागत को फ्री यूजर्स पर नहीं उठाया जा सकता। मई 2026 से Google ने प्रॉम्प्ट गिनने की जगह क्वोटा सिस्टम लागू किया था, और यह उसी दिशा में अगला कदम है। भारत जैसे बड़े फ्री-यूजर बेस वाले बाजार में यह बदलाव AI Pro सब्सक्रिप्शन को बढ़ावा दे सकता है, हालांकि कई यूजर्स मुफ्त विकल्पों की ओर भी जा सकते हैं।

Bhudev Bhagaliya is an experienced and senior journalist who has carved a distinct niche for himself in the world of Hindi journalism through his profound understanding and precise writing style. With over two decades of experience in the field of journalism, he has held key responsibilities at Dainik Hindustan for 12 years and at Amar Ujala for one year. Currently, he serves as the Content Editor for the Jagrook Youth News newspaper and portal, where he plays a crucial role in ensuring the quality and credibility of the news content. Bhudev Bhagaliya consistently writes about issues that help raise awareness within society and among the younger generation.