उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने 29 सितंबर 2026 को प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद राजनीति में कदम रखने की घोषणा कर दी। एक वीडियो संदेश के जरिए उन्होंने साफ किया कि उनकी राजनीतिक यात्रा उत्तर प्रदेश से ही शुरू होगी — यही उनकी कर्मभूमि है — लेकिन वह किसी भी मौजूदा राजनीतिक दल में शामिल नहीं होंगी। इसके बजाय वह जनता के साथ मिलकर एक स्वतंत्र राजनीतिक मंच खड़ा करेंगी, जो जनमुद्दों पर केंद्रित होगा।
‘इरादे की राजनीति’ का नारा
दिव्या मित्तल ने अपने संदेश में दो नारे दिए — ‘इरादे की राजनीति करनी होगी’ और ‘मसीहा का इंतजार नहीं, हम खुद हैं’। उन्होंने चुनावी राजनीति में धनबल, बाहुबल और जाति-धर्म के समीकरणों पर सीधा सवाल उठाया।
उन्होंने जमीनी हकीकत के कई उदाहरण भी रखे:
- ऐसे स्कूल जो स्वीकृत हुए लेकिन कभी बने नहीं
- जमीन आवंटित हुई, लेकिन लोगों को फायदा नहीं मिला
- खराब सड़कों के कारण मौतें
- परीक्षा के पेपर लीक से छात्रों का भविष्य अंधकारमय
इस्तीफा क्यों? क्या रहा कार्यकाल?
दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को IAS से इस्तीफा दिया था (इस्तीफा सितंबर में स्वीकार हुआ), जिसकी वजह उन्होंने निजी कारण, परिवार और नए जीवन लक्ष्य बताए। करीब 13 साल के सेवाकाल में वह मिर्जापुर की जिलाधिकारी भी रहीं, जहां उन्होंने दूर-दराज के गांव लहुरियादह तक पाइपलाइन से पानी पहुंचाया था — इस काम के लिए वह काफी चर्चित रहीं।
समर्थन का तरीका — WhatsApp नंबर
जो लोग उनके संदेश से जुड़ना चाहते हैं, उन्हें दिव्या मित्तल ने WhatsApp नंबर 9198956957 पर संदेश भेजने के लिए कहा है। साफ है कि वह जमीनी स्तर से समर्थकों को जोड़कर अपनी स्वतंत्र राजनीति की नींव रखना चाहती हैं।
चुनावी राजनीति से दूर रहकर और किसी पार्टी का दामन थामे बिना जनता के मुद्दों पर खड़ी होने का उनका दावा उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक नया प्रयोग है। अब देखना यह होगा कि 2027 विधानसभा चुनाव से पहले उनका यह मंच कितना आकार ले पाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. दिव्या मित्तल कौन हैं?
वह UP कैडर की 2013 बैच की पूर्व IAS अधिकारी हैं, जिन्होंने 30 अगस्त 2026 को इस्तीफा देकर 29 सितंबर 2026 को राजनीति में एंट्री की घोषणा की।
Q2. क्या वह किसी पार्टी में शामिल होंगी?
नहीं, उन्होंने कहा है कि वह किसी मौजूदा पार्टी में नहीं जाएंगी, बल्कि जनता के साथ स्वतंत्र राजनीतिक मंच बनाएंगी।
Q3. उनके मुख्य नारे क्या हैं?
‘इरादे की राजनीति करनी होगी’ और ‘मसीहा का इंतजार नहीं, हम खुद हैं’।
Q4. समर्थन के लिए क्या करना होगा?
जुड़ने वाले लोग WhatsApp नंबर 9198956957 पर संदेश भेज सकते हैं।

Mayank Trigun is an Assistant Editor at JYNews Online. He brings over 13 years of experience in electronic and digital media. He has a keen interest in writing on topics related to politics, current affairs, the judiciary, defense, foreign affairs, and business. After completing his Ma from St.TMU College Moradabad. He has been actively engaged in digital journalism for more than six years.