लगभग 5 साल बाद सितंबर के महीने में बंगाल की खाड़ी में एक बार फिर चक्रवात जैसा सिस्टम तैयार हो गया है। आमतौर पर चक्रवात मार्च-मई या अक्टूबर-दिसंबर के बीच बनते हैं, जून से सितंबर के दौरान इनका बनना बेहद असामान्य माना जाता है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इस सिस्टम को Deep Depression के रूप में देखा है, जबकि अमेरिका के JTWC/CIMSS इसे Tropical Storm 01B मान रहे हैं।
कहां होगा लैंडफॉल?
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक लैंडफॉल की सबसे ज्यादा संभावना आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से श्रीकाकुलम के बीच तटीय इलाके में है, वह भी विजयनगरम के पास। समय रहेगा देर रात का। तटीय आंध्र प्रदेश में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश की आशंका जताई गई है, इसलिए तटवर्ती जिलों के प्रशासन को अलर्ट पर रहने की सलाह दी गई है।
अंडमान-निकोबार में भारी बारिश का खतरा
दूसरी ओर उत्तरी अंडमान सागर और म्यांमार तट के पास एक और डिप्रेशन बना हुआ है, जिसके 29 सितंबर को Deep Depression में मजबूत होने की उम्मीद है। इसके असर से अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में भारी बारिश होगी और हवाओं की रफ्तार 50-60 किमी प्रति घंटा रहेगी, जो झोंकों में 70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
मानसून की विदाई, सूखे मौसम की शुरुआत
मानसून अब विदाई की ओर है। मानसून की वापसी रेखा गुरदासपुर, चंडीगढ़, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, धौलपुर, उदयपुर, दिसा और नलिया से होकर गुजर रही है। 30 सितंबर से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा।
हालांकि 29 सितंबर को अभी भी कुछ इलाकों में बारिश की उम्मीद है:
| क्षेत्र | संभावना |
|---|---|
| जम्मू-कश्मीर, हिमाचल, उत्तराखंड | बारिश/गरज-चमक |
| पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पश्चिमी यूपी | बारिश/गरज-चमक |
| राजस्थान के कुछ हिस्से | बारिश/गरज-चमक |
यानी त्योहारी सीजन से पहले मौसम करवट ले रहा है — एक ओर मानसून की विदाई हो रही है, तो दूसरी ओर सितंबर का दुर्लभ चक्रवात तटीय इलाकों के लिए चुनौती बन रहा है। तटीय जिलों के लोगों को मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन पर नजर रखनी चाहिए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
Q1. बंगाल की खाड़ी में बना सिस्टम कहां लैंडफॉल करेगा?
आंध्र प्रदेश के काकीनाडा से श्रीकाकुलम के बीच, विजयनगरम के पास, देर रात में लैंडफॉल की आशंका है।
Q2. सितंबर में चक्रवात क्यों असामान्य है?
आमतौर पर चक्रवात मार्च-मई या अक्टूबर-दिसंबर में बनते हैं; करीब 5 साल बाद सितंबर में ऐसा सिस्टम बना है।
Q3. अंडमान में मौसम कैसा रहेगा?
अंडमान-निकोबार में भारी बारिश और 50-70 किमी/घंटा की रफ्तार वाली हवाएं चलेंगी; मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह है।
Q4. उत्तर भारत में मानसून कब विदा होगा?
30 सितंबर से उत्तर-पश्चिम भारत में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहेगा; विदाई रेखा गुरदासपुर से नलिया तक पहुंच चुकी है।

Bhudev Bhagaliya is an experienced and senior journalist who has carved a distinct niche for himself in the world of Hindi journalism through his profound understanding and precise writing style. With over two decades of experience in the field of journalism, he has held key responsibilities at Dainik Hindustan for 12 years and at Amar Ujala for one year. Currently, he serves as the Content Editor for the Jagrook Youth News newspaper and portal, where he plays a crucial role in ensuring the quality and credibility of the news content. Bhudev Bhagaliya consistently writes about issues that help raise awareness within society and among the younger generation.