क्या आपके साथ कभी ऐसा हुआ है कि आपके किसी जानने वाले ने फोन करके पैसों की मांग की हो? AI के जमाने में अब ऐसा फ्रॉड आम हो गया है — साइबर अपराधी AI से आपकी हू-ब-हू आवाज क्लोन करके आपके अपनों को कॉल करते हैं, मदद के बहाने पैसे ट्रांसफर करवाते हैं और बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं। एक गलती आपकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी गायब कर सकती है।
कैसे होती है वॉइस क्लोनिंग?
साइबर अपराधी सबसे पहले आपकी आवाज के सैंपल निकालते हैं। इसके लिए आपके सोशल मीडिया — Reels, Shorts आदि पर डाले गए वीडियो क्लिप से ऑडियो निकाला जाता है। फिर इस ऑडियो से AI टूल को ट्रेन किया जाता है, जो आपकी तरह बोलने में पारंगत हो जाता है।
इसके बाद फ्रॉड का दूसरा चरण शुरू होता है। अपराधी आपकी आवाज में आपके जानने वालों को कॉल या वॉइस नोट भेजते हैं और इमरजेंसी का बहाना बनाकर पैसे ट्रांसफर करवाते हैं। चूंकि आपने “अपनी मर्जी” से पैसे भेजे होते हैं, इसलिए पैसे वापस पाने में लंबी कानूनी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।
इस फ्रॉड से बचने के 5 तरीके
- फैमिली कोडवर्ड सेट करें: अपने परिवार और दोस्तों के लिए एक सीक्रेट कोडवर्ड तय करें। कोई भी ट्रांजैक्शन करने से पहले कोडवर्ड मांगे — जेनुइन मामला होगा तो सही कोडवर्ड मिलेगा, स्कैमर फोन काट देगा।
- वॉइस प्रिंट कम शेयर करें: सोशल मीडिया पर अपनी आवाज वाले वीडियो कम से कम डालें, ताकि अपराधी आपकी आवाज कॉपी न कर सकें।
- संयम बरतें: इमरजेंसी वाले कॉल पर घबराकर तुरंत पैसे न भेजें। पहले दूसरे नंबर से वापस कॉल करके पुष्टि करें।
- तुरंत रिपोर्ट करें: फ्रॉड होने पर तुरंत साइबर क्राइम पोर्टल cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या 1930 पर कॉल करें।
- संचार साथी ऐप: संदिग्ध मैसेज या कॉल की रिपोर्ट संचार साथी ऐप या पोर्टल के जरिए भी कर सकते हैं।
एक्सपर्ट की राय
FonadaLabs के को-फाउंडर नीतिश गोपलानी के मुताबिक, बिना अनुमति वॉइस क्लोनिंग धोखाधड़ी है। हर प्लेटफॉर्म को दो सुरक्षा उपाय करने चाहिए — पहला, लाइव ह्यूमन वेरिफिकेशन (आवाज क्लोन करने से पहले बोलने वाले को खास स्क्रिप्ट पढ़नी होगी) और दूसरा, KYC और NDA वाले वेरिफाइड एंटरप्राइज अकाउंट।
याद रखें — सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है। यह जानकारी अपने परिवार और दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें।

Bhudev Bhagaliya is an experienced and senior journalist who has carved a distinct niche for himself in the world of Hindi journalism through his profound understanding and precise writing style. With over two decades of experience in the field of journalism, he has held key responsibilities at Dainik Hindustan for 12 years and at Amar Ujala for one year. Currently, he serves as the Content Editor for the Jagrook Youth News newspaper and portal, where he plays a crucial role in ensuring the quality and credibility of the news content. Bhudev Bhagaliya consistently writes about issues that help raise awareness within society and among the younger generation.