बढ़ते बिजली के बिल से परेशान लोगों के लिए रूफटॉप सोलर पैनल एक लोकप्रिय विकल्प बन गया है। 5kW का सोलर सिस्टम 2BHK या 3BHK घरों के लिए आदर्श माना जाता है, क्योंकि यह महीने की बिजली खपत का बड़ा हिस्सा कवर कर देता है। लेकिन सवाल यह है कि इसे लगाने में कितना खर्च आता है और हर महीने कितनी बचत होती है। आइए पूरा गणित समझते हैं।
5kW सोलर सिस्टम की लागत
ग्रिड-टाइड 5kW सोलर सिस्टम की कीमत आमतौर पर ₹2.2 से ₹2.6 लाख के बीच होती है, जिसमें पैनल, इन्वर्टर, माउंटिंग स्ट्रक्चर और इंस्टॉलेशन का खर्च शामिल है। PM Surya Ghar Muft Bijli Yojana के तहत घरेलू यूजर्स को ₹78,000 तक की केंद्रीय सब्सिडी मिलती है। सब्सिडी के बाद असली खर्च ₹1.42 से ₹1.82 लाख तक रह जाता है। कुछ राज्यों में अतिरिक्त राज्य सब्सिडी भी मिलती है, जिससे खर्च और कम हो सकता है।
हर महीने कितनी बिजली और बचत?
एक 5kW सिस्टम रोजाना करीब 20 यूनिट बिजली पैदा करता है, यानी महीने में लगभग 600 यूनिट। अगर आपके इलाके में बिजली की दर ₹5 से ₹7 प्रति यूनिट है, तो सालाना बचत ₹36,500 से ₹54,600 तक हो सकती है। यानी हर महीने ₹3,000 से ₹4,500 की बचत। जिन घरों का बिल ₹5,000 से ₹8,000 आता है, उनके लिए यह सिस्टम बिल को 90% तक घटा सकता है।
पैसा कितने साल में वसूल होगा?
अगर सिस्टम की असली लागत ₹1.5 लाख है और सालाना बचत ₹40,000 से ₹55,000 होती है, तो पूरा निवेश करीब 2.7 से 4 साल में वसूल हो जाता है। इसके बाद सोलर पैनल की 25 साल की लाइफ के बाकी वर्षों में बिजली लगभग मुफ्त मिलती है। नेट मीटरिंग के जरिए दिन में बची हुई बिजली ग्रिड को देकर क्रेडिट भी कमाया जा सकता है, जिससे बचत और बढ़ती है।
लगाने से पहले यह जान लें
5kW सिस्टम के लिए करीब 400 से 500 स्क्वायर फीट की छाया-मुक्त छत चाहिए। सब्सिडी पाने के लिए pmsuryaghar.gov.in पर रजिस्ट्रेशन करना होता है, फिर DISCOM से फिजिबिलिटी अप्रूवल लेना पड़ता है। इसके बाद DISCOM की सूची में दर्ज वेंडर से ही इंस्टॉलेशन करवाना जरूरी है। वेंडर चुनते समय पैनल की 25 साल की वारंटी और इन्वर्टर की 5-10 साल की वारंटी जरूर चेक करें।
किन घरों के लिए सही है?
जिन घरों का मासिक बिजली बिल ₹5,000 से ₹8,000 के बीच है और जिनकी छत पर पर्याप्त धूप आती है, उनके लिए 5kW सिस्टम सबसे सही विकल्प है। छोटे घरों के लिए 2kW या 3kW का सिस्टम भी पर्याप्त हो सकता है। सोलर लगाने का फैसला लेने से पहले अपनी खपत और छत की स्थिति का आकलन जरूर करें।

Bhudev Bhagaliya is an experienced and senior journalist who has carved a distinct niche for himself in the world of Hindi journalism through his profound understanding and precise writing style. With over two decades of experience in the field of journalism, he has held key responsibilities at Dainik Hindustan for 12 years and at Amar Ujala for one year. Currently, he serves as the Content Editor for the Jagrook Youth News newspaper and portal, where he plays a crucial role in ensuring the quality and credibility of the news content. Bhudev Bhagaliya consistently writes about issues that help raise awareness within society and among the younger generation.